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नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक साक्षात्कार में कहा है कि गांधी परिवार ने ही उनका राजनीतिक करियर बनाया और बिगाड़ा। पिछले 10 सालों से सोनिया गांधी से मिलने का मौका नहीं मिला। राहुल गांधी के साथ भी समय बिताने का मौका नहीं मिला। प्रियंका गांधी वाड्रा से फोन पर बातचीत होती है।
इंटरव्यू में अय्यर ने बताया कि एक बार उन्होंने प्रियंका गांधी को फोन कर राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई देने को कहा था। प्रियंका गांधी ने मुझसे कहा कि आप सीधा उन्हें क्यों नहीं फोन कर रहे हैं। मैंने उनसे कहा कि क्योंकि में पार्टी से सस्पेंड हो गया हूं। ऐसे मैं अपने नेता से बात नहीं कर सकता। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि ये बात तब की है जब प्रियंका गांधी राजनीति में नहीं आई थी। उन्होंने सोनिया गांधी से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया जब उन्होंने उन्हें मेरी क्रिसमस कहा और सोनिया ने जवाब दिया कि मैं ईसाई नहीं हूं। अय्यर ने कहा कि वह खुद भी किसी धर्म में विश्वास नहीं करते, लेकिन सभी धर्मों का समान सम्मान करते हैं।
कांग्रेस को झुककर जीतना सीखना होगा
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर अय्यर ने कहा कि पार्टी इस शर्मनाक हार से बच सकती थी। उन्होंने सुझाव दिया कि उस समय मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति और प्रणब मुखर्जी को प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए था। सोनिया गांधी की बीमारी और मनमोहन सिंह की स्वास्थ्य समस्याओं के चलते पार्टी नेतृत्व कमजोर हो गया था। अय्यर ने आगे कहा कि अगर प्रणब मुखर्जी प्रधानमंत्री होते, तो हार होती, लेकिन इतनी बड़ी नहीं होती। अय्यर ने कांग्रेस के मौजूदा हालात पर कहा कि पार्टी को झुककर जीतना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इंडिया गठबंधन में अपनी नेतृत्व की महत्वाकांक्षा छोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सभी सहयोगी दलों का सम्मान करना होगा।



