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इंदौर। हाईकोर्ट की इदौर बेंच ने नीट यूजी के रिजल्ट पर रोक लगा दी है। परीक्षा के दौरान तेज हवा और बारिश के कारण कई क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई थी। इसके कारण कई सेंटर पर अंधेरे में परीक्षा हुई, जिससे काफी स्टूडेंट को परेशानी हुई।
गुरुवार को याचिका इस मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने नीट यूजी आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से पूछा था कि वह इस मामले में क्या कदम उठा रही है। हाईकोर्ट ने एनटीए, बिजली कंपनी और परीक्षा केंद्र को नोटिस जारी किए हैं। 30 जून तक सभी को जवाब पेश करना होगा। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर कोर्ट ने नीट यूजी के अंतरिम परिणाम पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि अंतिम फैसला होने तक रिजल्ट जारी न किया जाए।
उल्लेखनीय है कि 4 मई को इंदौर में नीट की परीक्षा के दौरान छात्रों को हुई परेशानी के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। बताया जाता है कि 11 परीक्षा केंद्रों की बिजली चली गई, अंधेरा छा गया इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। आंधी के कारण बिजली गुल होने से काफी स्टूडेंट पेपर तक नहीं पढ़ पा रहे थे, मोमबत्ती जलाई बिजली गुल होने की वजह से कई छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पेपर देना पड़ा। परीक्षा के बाद कई छात्र रोते हुए बाहर निकले। प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना है कि, उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया।
पावर बैकअप का नहीं था इंतजाम
जानकारी के मुताबिक इंदौर के जिन 11 सेंटरों में बिजली गुल हुई, वहां करीब 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। यह पहला मौका था जब एनटीए ने शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। यहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। बताया जाता है कि ओडिशा में चक्रवात के दौरान 2016 में एनटीए ने प्रभावित बच्चों के लिए दोबारा एग्जाम कराया था। नियमों की गफलत से 2022 में होशंगाबाद सहित कुछ अन्य केंद्रों पर भी ऐसा हो चुका है।



