भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, कृषि, जल संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, युवा और सड़क अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने लाडली बहना योजना को अगले पांच साल जारी रखने का फैसला भी लिया। बैठक में विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए करीब 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां दी गई हैं। बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने फैसलों की जानकारी दी।
1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपए का प्रावधान
कैबिनेट के सबसे बड़े फैसलों में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को अगले पांच वर्षों के लिए वित्तीय आधार देना शामिल है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के लिए वर्ष 2026-27 से आगे की अवधि को ध्यान में रखते हुए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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जारी रहेगी मातृ वंदन योजना
इसके साथ ही लाडली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 2,137 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बैठक में सरकार ने महिलाओं, बेटियों और मातृत्व से जुड़ी प्रमुख योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए बजटीय व्यवस्था मजबूत करने का निर्णय लिया है।
नर्मदा संरक्षण के लिए ‘नमन मिशन’
बैठक में मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ यानी ‘नमन मिशन’ के गठन को मंजूरी दी गई। मिशन का उद्देश्य नर्मदा को स्वच्छ और अविरल बनाए रखना, नदी में प्रदूषण को नियंत्रित करना तथा घाटों और नदी क्षेत्र की सफाई एवं संरक्षण को संस्थागत रूप देना है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये के राज्य अनुदान का प्रावधान बताया गया है। सरकार का कहना है कि प्रदेश की बड़ी आबादी नर्मदा पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर है। ऐसे में नदी के जल प्रवाह, पर्यावरण और आसपास के क्षेत्रों के संरक्षण को लेकर यह मिशन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 11,835 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए 11,835 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी। इसके तहत स्वास्थ्य योजनाओं, चिकित्सा सुविधाओं और संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर रहेगा। बैठक के एजेंडे में उप स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और औषधालयों से जुड़े प्रस्तावों के साथ आशा कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त प्रोत्साहन जैसे विषय भी शामिल थे।
कृषि शिक्षा और अनुसंधान को 870 करोड़
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने के लिए कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार कार्यों के लिए 870 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के प्रदर्शन की भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक डिंडौरी इस योजना में देश में पहले स्थान पर रहा है। सरकार अब डिंडौरी में अपनाई गई सफल व्यवस्थाओं को अन्य जिलों में भी लागू करने की दिशा में काम करेगी।
विज्ञान और तकनीक के लिए 492 करोड़
मध्यप्रदेश सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए अगले पांच वर्षों में 492 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का प्रावधान किया है। बैठक के बाद मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का मौजूदा बजट 734 करोड़ रुपये है। सरकार विज्ञान मेले, विज्ञान मंथन, ‘साइंस ऑन व्हील्स’ और क्रिएटिविटी लर्निंग सेंटर जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच तथा नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर देगी।
गांव-गांव होगी खेल प्रतिभाओं की तलाश
कैबिनेट में बच्चों की खेल प्रतिभा तलाशने के लिए नए टैलेंट हंट अभियान पर भी फैसला हुआ। इसके तहत 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की प्रतिभा की पहचान गांव-गांव और स्कूल-स्कूल स्तर पर की जाएगी। चयनित बच्चों को उनकी खेल विधा के अनुसार विशेष प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके साथ ही युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने और अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
सड़क विकास निगम में 35 नए पद
प्रदेश में एक्सप्रेसवे और बड़ी सड़क परियोजनाओं के बढ़ते काम को देखते हुए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा सात पुराने पदों की निरंतरता का विषय भी बैठक में तय किया गया। सरकार का तर्क है कि बढ़ते सड़क नेटवर्क और नई परियोजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए निगम की प्रशासनिक क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
कैबिनेट से पहले सीएम का संबोधन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक से पहले कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से 5 से 15 साल के बच्चों की प्रतिभाओं की खोज के लिए टैलेंट हंट अभियान चलाने की बात कही है। युवाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी। दुनिया का सबसे लोकतांत्रिक युवा देश होने के नाते एआई के विस्तार और विकास में भारत की अहम भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त भारत के लिए देश में 100 सप्ताह का बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इसमें प्रमुख हस्तियों, समाजसेवी संस्थाओं और हर वर्ग के लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की आवश्यकता भी बताई।



