नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित समारोह उस समय राजनीतिक विवाद में बदल गया, जब ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए। कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पार्टी नेतृत्व पर राष्ट्रगीत के गायन को लेकर आपत्ति जताने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी का इशारा ‘वंदे मातरम्’ रोकने के लिए नहीं था।
कांग्रेस मुख्यालय में क्या हुआ?
15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। ध्वजारोहण और अन्य कार्यक्रमों के बाद ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान गीत का पूर्ण संस्करण गाया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी थी। इसी दौरान सामने आए वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि वीडियो में सोनिया गांधी की ओर से गायन को लेकर इशारा किया गया था। इस दावे के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल उठाए कि स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर पर राष्ट्रगीत के गायन को लेकर आपत्ति क्यों जताई गई।
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भाजपा ने कहा-माफी मांगे कांग्रेस
भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा गीत है और कांग्रेस नेतृत्व को इसे लेकर देश से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रमुख प्रतीक रहा है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में इसके गायन को लेकर किसी तरह का विवाद पैदा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को भी अपने आरोपों के समर्थन में इस्तेमाल किया और कांग्रेस नेतृत्व से इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब मांगा।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत
भाजपा के आरोपों के बाद कांग्रेस की ओर से सफाई सामने आई। पार्टी ने सोनिया गांधी द्वारा ‘वंदे मातरम्’ को रोकने की कोशिश किए जाने के आरोप को खारिज कर दिया। कांग्रेस के मुताबिक, वीडियो में जिस इशारे को भाजपा ‘गायन रोकने’ से जोड़ रही है, उसका संदर्भ अलग था। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था को लेकर संकेत कर रही थीं, न कि राष्ट्रगीत को रोकने के लिए। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में किसी ने ‘वंदे मातरम्’ का गायन नहीं रोका।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच बहस तेज हो गई। भाजपा समर्थकों ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए, वहीं कांग्रेस समर्थकों ने भाजपा पर वीडियो के आधार पर राजनीतिक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया। इस विवाद ने एक बार फिर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर राजनीति को गरमा दिया है।



