गया। बिहार के गया जिले के डोभी प्रखंड में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में कुएं के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना गढ़ करमौनी गांव की है। करीब 30 फीट गहरे पुराने कुएं में मोटर ठीक करने के लिए उतरे एक ग्रामीण की अचानक हालत बिगड़ गई। उसे बचाने के लिए एक के बाद एक तीन अन्य लोग कुएं में उतर गए। जहरीली गैस के प्रभाव से सभी की जान चली गई।
मृतकों में विजय चौधरी (45) और उनके पुत्र विकास चौधरी (18) तथा चमारी मांझी (65) और उनके पुत्र दिलचंद मांझी (28) शामिल हैं। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
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मोटर ठीक करने कुएं में उतरा था ग्रामीण
बताया गया कि कुएं से पानी निकालने के लिए लगी मोटर में खराबी आ गई थी। मोटर को ठीक करने के लिए सबसे पहले एक ग्रामीण कुएं में उतरा। नीचे पहुंचते ही उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। कुएं के अंदर अपने परिजन को परेशानी में देखकर उसका बेटा उसे बचाने के लिए नीचे उतर गया। लेकिन कुछ ही देर में वह भी गैस की चपेट में आ गया। दोनों को बचाने की कोशिश में दो अन्य ग्रामीण भी कुएं में उतर गए। देखते ही देखते चारों लोग जहरीली गैस के प्रभाव में आ गए।
बचाव के दौरान फायरकर्मी भी हुआ बेहोश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। शेरघाटी के एसडीओ, डोभी के बीडीओ सहित अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू कराया गया। कुएं के अंदर जहरीली गैस और कम ऑक्सीजन के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था।
शवों को बाहर निकालने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम को लगाया गया। बचाव अभियान के दौरान फायरकर्मी अजीत कुमार भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। इसके बाद बचाव दल को और सावधानी बरतनी पड़ी।
एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया
कुएं में गैस की मौजूदगी के कारण शवों को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण रहा। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया। शुरुआती चरण में दो शव बाहर निकाल लिए गए थे और बाकी शवों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी रखा गया। बाद की रिपोर्टों में चारों मृतकों की पहचान की पुष्टि की गई।
गांव में पसरा मातम
एक ही हादसे में चार लोगों की मौत की खबर से गढ़ करमौनी गांव में मातम पसर गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की बड़ी भीड़ घटनास्थल पर जमा रही। प्रशासन की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
एक को बचाने की कोशिश में गई चार जानें
कुएं के अंदर गैस होने का किसी को अंदाजा नहीं था। मोटर ठीक करने उतरा ग्रामीण जब संकट में पड़ा तो उसे बचाने के लिए उसका बेटा कुएं में उतर गया। इसके बाद दो और ग्रामीण मदद के लिए नीचे चले गए। एक के बाद एक चारों लोग जहरीली गैस की चपेट में आ गए। इस घटना ने यह भी दिखाया कि बंद और गहरे कुएं में बिना सुरक्षा उपकरण के उतरना कितना खतरनाक हो सकता है।
इनकी गई जान
विजय चौधरी — 45 वर्ष
विकास चौधरी — 18 वर्ष, विजय चौधरी के पुत्र
चमारी मांझी — 65 वर्ष
दिलचंद मांझी — 28 वर्ष, चमारी मांझी के पुत्र



