कोलकाता। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा टीएमसी सांसद सयाली घोष की थी। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें वे भाजपा को गाना गा-गाकर कोस रही थीं। अब वही सयानी घोष टीएमसी से बगावत पर उतर आई हैं। टीएमसी के 20 बागी सांसदों की सूची में उनका भी नाम है।
सयानी घोष तृणमूल कांग्रेस की एक फायरब्रांड नेता रही हैं। वह जाधवपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। उनकी तुलना ममता बनर्जी से की जाती रही है। वह बड़े से बड़े नेता को खरी-खरी सुनाने में जरा-सा भी हिचकिचाती नहीं हैं। सयानी घोष ने 2021 में टीएमसी ज्वाइन किया था। इसी साल सयानी ने आसनसोल दक्षिण से चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गई थीं। हार के बावजूद अभिषेक बनर्जी ने इसी साल सियानी घोष को पार्टी की युवा इकाई टीएमसी यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया।
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20 लोकसभा सांसद हो गए बागी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद टीएमसी के 20 लोकसभा सांसदों के बागी होने की चर्चाएं हैं। तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले बागी गुट ने दावा किया था कि वे लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के समर्थन की घोषणा करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि पार्टी के लगभग 20 सांसद उनके साथ हैं। हालांकि, काकोली घोष ने ये खुलासा नहीं किया है कि वो 20 सांसद कौन हैं, जो ममता दीदी का साथ छोड़ रहे हैं। अब बताया जा रहा है कि इनमें सयानी घोष का नाम भी शामिल है।
सुष्मिता देव ने राज्यसभा से दिया इस्तीफा
बुधवार को पार्टी की फायरब्रांड लीडर सुष्मिता देव ने पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। अब चर्चा है कि सुष्मिता देव भाजपा में शामिल हो सकती हैं। सुष्मिता ने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात की है। हिमंत बिस्वा सरमा इस समय दिल्ली में मौजूद हैं। वह एनडीए मुख्यमंत्रियों की बैठक के लिए आए हुए हैं।
2014 में असम से चुनी गई थीं सांसद
सुष्मिता देव असम के सिलचर से 2014 में कांग्रेस की टिकट पर सांसद चुनी गई थीं. इसके अलावा वह महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाई गई थीं। हालांकि साल 2021 में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं, जिसके महज एक महीने बाद ही ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा के लिए नॉमिनेट कर दिया।
पूरी तरह टूट रही है टीएमसी
पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजे के बाद अब टीएमसी पूरी तरह टूट रही है। टीएमसी के 58 विधायक पहले बागी हो गए और उन्होंने ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए विधानसभा में अपना नेता प्रतिपक्ष रितब्रता बनर्जी को बनवाया। उसके बाद टीएमसी के करीब 20 लोकसभा सांसदों का एक गुट अलग हो गया। उन सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर मीटिंग की, जिसमें बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। अब राज्यसभा के सदस्यों के इस्तीफे भी शुरू हो गए हैं। पहले शुखेंदु शेखर रॉय ने इस्तीफा दिया और अब सुष्मिता देव ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। टीएमसी के राज्यसभा में कुल 13 सांसद थे, जिनमें से दो के इस्तीफे हो चुके हैं। अब ऊपरी सदन में टीएमसी के 11 सांसद बचे हुए हैं।



