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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जताई आपत्ति, कहा- संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 8 अप्रैल 2025 को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि राज्यपालों और राष्ट्रपति को विधेयकों पर एक तय समय सीमा के भीतर निर्णय लेना होगा। यह आदेश तमिलनाडु सरकार बनाम राज्यपाल मामले में दिया गया था।
राष्ट्रपति मुर्मू ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भारतीय संविधान में इस तरह की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के कार्यों और निर्णयों को संविधान के दायरे में ही परखा जाना चाहिए, और अदालत का यह निर्देश संवैधानिक सीमाओं का अतिक्रमण करता है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद देश भर में राजनीतिक और कानूनी बहस छिड़ गई थी। अब राष्ट्रपति की आपत्ति के बाद यह मामला और भी गंभीर और संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बन गया है।



