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नई दिल्ली। नेपाल और फ्रांस के बाद अब फिलीपींस के लोग भी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सोमवार को फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना गुस्सा शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करने का आग्रह किया। राष्ट्रपति ने कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह उनके सहयोगी ही क्यों न हों जांच से नहीं बचेगा।
उल्लेखनीय है कि मार्कोस के कई विधायकों पर सरकारी इंजीनियरों और कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ टेलीविजन पर प्रसारित कांग्रेस की सुनवाई में भारी रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। मार्कोस ने इस साल जुलाई 2025 में पहली बार अपने नेशनल स्पीच में भ्रष्टाचार घोटाले का जिक्र किया था। इसके विरोध में फिलीपींस में भ्रष्टाचार को लेकर सड़कों पर छोटी और शांतिपूर्ण रैलियां हो रही हैं। 21 सितंबर को मनीला के कुछ रिहायशी इलाकों में बड़ी भीड़ जुटाकर विरोध प्रदर्शन करने की योजना है। इसको लेकर पुलिस और सेना को अलर्ट किया गया है। मार्कोस ने भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनकारियों के बारे में कहा कि अगर मैं राष्ट्रपति नहीं होता तो शायद मैं भी उनके साथ सड़कों पर होता। मार्कोस ने प्रदर्शनकारियों से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि बेशक वे गुस्से में हैं, मैं गुस्से में हूं, आप उन्हें अपनी भावनाएं बताएं। आप उन्हें बताएं कि उन्होंने आपको कैसे चोट पहुंचाई, कैसे उन्होंने आपसे चोरी की, उन पर चिल्लाएं और सब कुछ करें, प्रदर्शन करें, लेकिन इसे बस शांतिपूर्ण बनाए रखें।



