👉 यह भी पढ़ें:
- TMC छोड़ने वाले तीनों पूर्व सांसदों को भाजपा ने दिया तोहफा, पार्टी में शामिल होने के कुछ ही देर बाद बनाया राज्यसभा का उम्मीदवार
- झारखंड राज्यसभा चुनाव में हार के बाद INDIA गठबंधन में घमासान! RJD ने कांग्रेस को दी खुली चेतावनी, क्या बढ़ने वाली है दरार?
- Jharkhand: राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी जीते, कांग्रेस को झटका
- राज्यसभा चुनाव में भाजपा के तीनों उम्मीदवारों की जीत पर बोले दिग्विजय सिंह-सब ने मिलजुलकर की चोरी, कमलनाथ ने भी साधा निशाना
- MP Rajya Sabha: मध्यप्रदेश की तीनों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, रिटर्निंग अफसर ने दिया प्रमाण पत्र
- मध्यप्रदेश के राज्यसभा प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी, लिस्ट में भाजपा के तीन प्रत्याशियों के नाम
0:00 left
नई दिल्ली। शुक्रवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों ने किसानों को एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग को लेकर जमकर तकरार किया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जब अपनी बात रख रहे थे, तभी कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने हंगामा किया और सदन की कार्यवाही बाधित की। प्रश्नकाल के दौरान हंगामा तब शुरू हुआ, जब चौहान ने किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली को मजबूत करने पर विचार कर रही समिति के बारे में बात की। लेकिन फसलों के समर्थन मूल्य के लिए कानूनी गारंटी के बारे में बात करते हुए रुक गए।
कृषि मंत्री की टिप्पणी के बाद रणदीप सुरजेवाला और जयराम रमेश सहित कांग्रेस सांसदों ने यह कहते हुए विरोध किया कि चौहान का जवाब अधूरा है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की और कहा कि मंत्री ने विस्तार से जवाब दिया है और अगर सदस्य संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें जवाब मांगने के लिए उपलब्ध रास्ते का उपयोग करना चाहिए।
समिति की रिपोर्ट आने के बाद होगा विचार
सवालों के जवाब में चौहान ने कहा कि सरकार ने एमएसपी पर एक समिति का गठन किया है और रिपोर्ट पेश होने के बाद सिफारिशों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगा कि किसानों की सेवा करना हमारे लिए भगवान की पूजा करने जैसा है। चौहान ने कहा, प्रधानमंत्री से बड़ा कोई किसान हितैषी नहीं है। उन्होंने कहा कि एमएसपी प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर सुझाव देने के लिए समिति बनाई गई है। इसके अलावा, समिति को कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को अधिक स्वायत्ता देने की व्यवहारिकता और इसे और अधिक वैज्ञानिक बनाने के तरीकों की जांच करने को कहा गया है।
सरकार ने एमएसपी दरों में वृद्धि की
शिवराज ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य देने के लिए एमएसपी दरों में नियमित रूप से वृद्धि की गई है। किसानों को उचित एमएसपी देने के लिए सरकार की छह सूत्रीय रणनीति है। इसमें कृषि उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन की लागत कम करना, उपज का उचित मूल्य देना, प्राकृतिक आपदाओं के कारण नुकसान की भरपाई करना, कृषि का विविधीकरण और जैविक खेती शामिल है।
कांग्रेस ने कहा-जलेबी बना रहे थे मंत्री
वहीं, कांग्रेस ने दावा किया कि कृषि मंत्री चौहान ने एमएसपी पर कानूनी गारंटी के सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। पार्टी ने उनक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मंत्री ने जो कुछ भी किया वह जलेबी बनाने जैसा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री से सीधा सवाल पूछा गया था कि क्या सरकार एमएसपी पर कानूनी गारंटी देगी, जैसा कि किसान संगठन मांग कर रहे हैं।



