भोपाल। मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। इसमें भाजपा के तीनों प्रत्याशियों तरुण चुग, महेश केवट और रजनीश अग्रवाल के नाम शामिल हैं। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का पर्चा मंगलवार को रद्द हो गया था।
कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, विवेक तन्खा शामिल थे। कांग्रेस नेताओं को 2 घंटे में फैसले का आश्वासन दिया था, लेकिन अधिकृत तौर पर किसी फैसले की जानकारी सामने नहीं आई। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायत खारिज कर दी है।
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संघवी बोले-गलत तरीके से रद्द हुआ नामांकन
कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का फैसला गलत है और कानून के मुताबिक नहीं है। जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया, उसका कानून में कोई प्रावधान नहीं है। नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था, जिसका उन्हें खुलासा करना पड़ता। कोर्ट ने सिर्फ एक नोटिस भेजा था। इसमें नटराजन से पूछा गया था कि मामले में आगे सुनवाई शुरू की जाए या नहीं।
भोपाल में चुनाव आयोग के गेट पर संघ की ड्रेस
भोपाल में कांग्रेस के कार्यकर्ता बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) दफ्तर पहुंचे। गेट बंद मिलने पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यूनिफॉर्म दफ्तर के बाहर गेट पर टांग दी। इससे पहले दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर भी कांग्रेस नेताओं ने धरना दिया था।
मंगलवार को खारिज हुआ था नामांकन
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने हलफनामे में अनियमितताएं पाए जाने के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर धरना दिया था। भाजपा का आरोप था कि उन्होंने शपथ पत्र में हैदराबाद कोर्ट के एक लंबित मामले की जानकारी छिपाई। नटराजन का नामांकन खारिज होने को कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या और सीट चोरी बताया।
कोर्ट और राष्ट्रपति के पास जाएगी कांग्रेस
इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना था कि लड़ाई थमने वाली नहीं है। उन्होंने कहा इस सीट चोरी के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा। हम बीजेपी के सभी जिला कार्यालयों और सीएम हाउस का घेराव करेंगे और जल्द ही इस फैसले के खिलाफ कोर्ट का रुख करेंगे। इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और आरएसएस ने मिलकर यह खेल खेला है। मामले को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाते हुए कांग्रेस विधायक दल शुक्रवार को दिल्ली रवाना होगा, जहां वे राष्ट्रपति से मिलकर गुहार लगाएंगे। समय न मिलने पर राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की भी तैयारी है।



