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भोपाल। प्रदेश की राजधानी में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मंच से पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सीएम डॉ.मोहन यादव की तारीफ कर गए। न केवल व्यवस्थाओं की बल्कि सरकार द्वारा की गई पहल और नीतियों की तारीफ भी हुई। भला, यह सब खुद को सीएम से कम नहीं समझने वाले एक मंत्रीजी को कैसे भाता। वह भी तब जब इस समिट में उनकी कोई पूछ-परख भी नहीं हुई। फिर क्या था मंत्री जी फितरत से बाज नहीं आए और आखिरी दम तक मंच लूटने की कोशिश करते रहे।
प्रदेश ही नहीं पूरे देश के भाजपा नेताओं को पता है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री से मत्रीजी के कैसे संबंध हैं। वरिष्ठ नेताओं को यह भी समझ नहीं आता कि चलो माना कि एक मुख्यमंत्री से नहीं बनी, लेकिन दूसरे से भी नहीं बन रही। वर्तमान मुख्यमंत्री कोई रबर स्टांप तो नहीं है। उन्हें प्रदेश का विकास करने के लिए ही चुना गया है, वे अपना काम कर रहे हैं। आपको तकलीफ सिर्फ इस बात की है कि आपकी मंशानुसार सुपर सीएम के तर्ज पर आपको कोई भाव नहीं दे रहा।
इससे पहले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन इंदौर में होता रहा है और इसमें स्थानीय नेता के नाते मंत्रीजी की ही चलती थी। लेकिन, इस बार मामला उल्टा हो गया। भोपाल में सबकुछ सीएम यादव की देखरेख में हुआ। ऐसे में मंत्रीजी की दखलअंदाजी का सवाल ही नहीं था। तैयारी तक बर्दाश्त कर लिया। आयोजन के पहले दिन पीएम मोदी ने मंच से सीएम यादव की जो झांकी जमाई कि आंखें चौंधिया गईं। अगले दिन गृह मंत्री अमित शाह थे। उन्होंने भी मंच से सीएम की झांकी जमा दी। भला यह कैसे बर्दाश्त होता, क्योंकि शाह को तो मंत्रीजी अपना खास बताते हैं। इसलिए आयोजन से सरपट भाग लिए।
गृह मंत्री जब भोपाल से जाने लगे तो जाहिर है कि प्रदेश के सभी बड़े नेताओं के बारे में पूछा। मंत्रीजी के बारे में भी पूछ डाला। पता चला कि श्रीमान मौके से निकल चुके हैं। फिर खबर पहुंचाई गई और खबर क्या पहुंची, मंत्रीजी ने अपने सभी मीडिया मित्रों को तुरंत खबर पहुंचा दी। ऐसा माहौल बना कि शाह ने शायद मंध्यप्रदेश में तख्तापलट के लिए मंत्रीजी को बुलवा लिया हो। स्टेट हैंगर पर गृह मंत्री शाह से प्रदेश के अधिकांश बड़े नेताओं ने बात की, लेकिन मंत्रीजी का फोटो इस तरह वायरल किया गया जैसे शाह इनसे पूछ रहे हों कि मोहन यादव ठीक काम कर रहे हैं या नहीं। आप कहो तो इन्हें हटाकर आपको सीएम बना देते हैं। खैर, इससे सीएम यादव का तो कुछ नहीं बिगड़ा, लेकिन मंत्रीजी की यह फितरत सबको समझ आ गई। इतना ही नहीं मंत्रीजी पूरे आयोजन में केंद्रीय मंत्रियों से अपनी नजदीकियां बताने से भी नहीं चूके।



