नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी तकरार में बदल गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस और सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ का गायन चल रहा था, लेकिन सोनिया गांधी ने कथित तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से इसे बीच में रोकने को कहा। शाह ने कांग्रेस से इस मामले में देश की जनता और ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से माफी मांगने को कहा।
जनता माफ नहीं करेगी
अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की 140 करोड़ जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ जैसे राष्ट्रीय गीत का गायन बीच में रोकने की कोशिश की गई। शाह ने कहा कि कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए और अगर “थोड़ी भी शर्म बची है” तो पार्टी को दोनों हाथ जोड़कर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने इस कथित घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि जनता इसे माफ नहीं करेगी।
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स्वतंत्रता आंदोलन का भी किया जिक्र
गृह मंत्री ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हजारों लोगों ने इस गीत को गाने के लिए अंग्रेजों की गोलियां और लाठियां सहीं और जेल गए। शाह ने कहा कि जिस गीत के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने इतना बड़ा बलिदान दिया, उसका अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि आखिर पार्टी को ‘वंदे मातरम्’ के गायन पर आपत्ति क्यों है।
स्वतंत्रता दिवस के दिन का है मामला
विवाद 15 अगस्त को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सामने आया। कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण संस्करण गाया जा रहा था। इसी दौरान सामने आए वीडियो में सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच बातचीत और इशारे दिखाई दिए। भाजपा ने वीडियो को आधार बनाकर आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने गीत को बीच में रोकने के लिए कहा था। इस आरोप के बाद BJP नेताओं ने कांग्रेस पर ‘राष्ट्रीय गीत के अपमान’ का आरोप लगाते हुए माफी की मांग शुरू कर दी।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत
हालांकि कांग्रेस ने भाजपा और अमित शाह के आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि सोनिया गांधी ‘वंदे मातरम्’ को रोकने की मांग नहीं कर रही थीं। पार्टी के मुताबिक, उस समय सोनिया गांधी मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था कराने को लेकर बातचीत कर रही थीं, क्योंकि खरगे काफी देर से खड़े थे।
बंकिम चंद्र के वंशज ने भी कहा-मांगे माफी
इस विवाद के बीच पश्चिम बंगाल के भाजपा विधायक और ‘वंदे मातरम्’ के लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने भी सोनिया गांधी से माफी मांगने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता संघर्ष और देश की सामूहिक स्मृति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सोनिया गांधी से कथित घटना पर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की।



