राहुल गांधी को नोटिस मिलने पर भड़के संजय राउत, कहा-इडियट को इडियट कहना गुनाह है क्या

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

मुंबई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को कथित तौर पर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर लोकसभा सचिवालय से नोटिस मिलने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए केंद्र सरकार और सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला। राउत ने सवाल उठाया कि किसी को ‘इडियट’ कहना आखिर कब से असंसदीय हो गया।

राहुल गांधी को क्यों मिला नोटिस?

मामला संसद में हुई एक बहस के दौरान राहुल गांधी की कथित टिप्पणी से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी ने एक छात्र के हवाले से ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। सत्तापक्ष के सांसदों ने इस पर आपत्ति जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष शिकायत की। इसके बाद लोकसभा की संबंधित समिति की ओर से राहुल गांधी को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया है। रिपोर्ट के अनुसार राहुल गांधी को 28 अगस्त 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है।

राउत ने उठाया ‘इडियट’ शब्द पर सवाल

राहुल गांधी को नोटिस दिए जाने पर संजय राउत ने सवाल किया कि ‘इडियट’ शब्द को असंसदीय कैसे माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के आचरण पर सवाल उठाने के लिए ‘इडियट’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है तो सिर्फ इस शब्द के आधार पर नोटिस देना उचित नहीं है। राउत ने अपने बयान में केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई मंत्री संसद में नहीं आता और सवालों का जवाब नहीं देता, तो विपक्ष उसे क्या कहेगा। इसी क्रम में उन्होंने ‘इडियट’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए सत्तापक्ष पर निशाना साधा।

3 इडियट्स फिल्म का भी किया जिक्र

अपने बयान को और धार देते हुए संजय राउत ने आमिर खान की चर्चित फिल्म ‘3 इडियट्स’ का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि अगर ‘इडियट’ शब्द ही असंसदीय है तो इस नाम वाली फिल्म को सेंसर बोर्ड ने कैसे मंजूरी दी और वह इतनी लोकप्रिय कैसे हुई। राउत ने यह तर्क देते हुए कहा कि सिर्फ किसी शब्द के अंग्रेजी शब्दकोश में मौजूद होने या उसके इस्तेमाल से उसे स्वतः असंसदीय नहीं माना जा सकता। हालांकि, संसद में किसी शब्द का इस्तेमाल केवल शब्द के आधार पर नहीं, बल्कि उसके संदर्भ और सदन के नियमों के तहत भी देखा जाता है।

राउत का सरकार पर तीखा हमला

संजय राउत यहीं नहीं रुके। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ भी कई तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राहुल गांधी के सवालों और आलोचनाओं का जवाब देने के बजाय उन्हें नोटिस भेज रही है। राउत ने कहा कि अगर राहुल गांधी को सच बोलने के लिए नोटिस दिया जा रहा है तो यह सरकार की ‘बेवकूफी’ है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के कुछ BJP नेताओं पर भी निशाना साधते हुए उन्हें ‘इडियट’ कहकर हमला किया और सत्तारूढ़ व्यवस्था को ‘इडियट कैबिनेट’ तक बता दिया। राउत ने अपने बयान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया।

‘अंधभक्त’ शब्द पर भी विवाद

राहुल गांधी को मिले नोटिस का विवाद सिर्फ ‘इडियट’ शब्द तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, संसद में राहुल गांधी ने ‘अंधभक्त’ शब्द का भी इस्तेमाल किया था, जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई थी। विपक्ष का तर्क है कि संसद में सरकार की नीतियों और उसके समर्थकों की आलोचना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि सदन में बहस के दौरान सांसदों को मर्यादित और संसदीय भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

28 अगस्त तक राहुल गांधी को देना है जवाब

अब इस मामले में राहुल गांधी के जवाब पर नजर रहेगी। यदि संबंधित संसदीय समिति राहुल गांधी की सफाई से संतुष्ट नहीं होती है तो मामला आगे संसदीय प्रक्रिया के तहत बढ़ सकता है। फिलहाल नोटिस दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि राहुल गांधी को दोषी ठहरा दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर संसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम संसदीय मर्यादा की बहस को सामने ला दिया है।

Ardhendu Bhushan - Consulting Editor
Ardhendu Bhushan - Consulting Editorhttp://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

नाश्ते के पैसे मांगने पर युवक की चाकू से हत्या, बाणगंगा हत्याकांड में आरोपित गिरफ्तार

बाणगंगा हत्याकांड में नाश्ते के पैसे मांगने पर युवक की चाकू से हत्या हुई। पुलिस ने आरोपी सुरेश उर्फ बिल्लू को गिरफ्तार कर न्यायालय ने उम्रकैद की सजा दी।

भोपाल कार्यक्रम में CM मोहन यादव ने कहा, लाडली योजना बहुत महंगी पड़ गई

भोपाल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि लाडली योजना बहुत महंगी पड़ गई। बुंदेली समागम में बिन्नू रानी के सवाल पर सीएम ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया।

इंदौर में दीपावली पर जीएसटी रिटर्न भरने की आखिरी तारीख तय

इंदौर में दीपावली पर जीएसटी रिटर्न भरने की आखिरी तारीख को लेकर व्यापारियों में चिंता बढ़ी है। अक्टूबर माह के जीएसटीआर-1 की अंतिम तिथि 10 नवंबर 2026 है।

त्योहारों के करीब, इंदौर-हावड़ा एक्सप्रेस में स्लीपर 125 और 3AC 110 तक वेटिंग

त्योहारों के करीब इंदौर-हावड़ा एक्सप्रेस में स्लीपर 125 और 3AC 110 तक वेटिंग की स्थिति बनी हुई है। यात्रियों को टिकट मिलने में परेशानी हो रही है।

BJP की राज्यसभा लिस्ट पर UP में बगावत की आहट, पूर्व केंद्रीय मंत्री पार्टी छोड़ने का संकेत

भाजपा की राज्यसभा लिस्ट पर उत्तर प्रदेश में बगावत की आहट सुनाई दे रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं।

सीईसी ज्ञानेश के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल, 6 अक्टूबर को दिल्ली में मार्च

सीईसी ज्ञानेश के खिलाफ विपक्ष ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में मार्च निकालने का ऐलान किया है। वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण और फॉर्म 6 के संशोधन का विरोध कर रहे हैं।

सागर गर्ल्‍स डिग्री कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर में 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री, 158 फेल

सागर गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर के परिणाम में 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री और 158 फेल घोषित किया गया। छात्राओं ने परिणाम पर सवाल उठाए।

आकाश आनंद की बसपा में वापसी, मायावती ने 2027 चुनाव तक रणनीति बनाई

आकाश आनंद की बसपा में वापसी से मायावती ने 2027 चुनाव तक रणनीति बनाई है। उन्हें फिर से राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया है।

जस्टिस सुनीता अग्रवाल, देवेंद्र उपाध्याय और अपरेश सिंह होंगे नए सुप्रीम कोर्ट जज

सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी। जस्टिस सुनीता अग्रवाल, देवेंद्र उपाध्याय और अपरेश सिंह अब शीर्ष अदालत के सदस्य होंगे।

चंद्रपुर आश्रम स्कूल में बच्चों के खेलने पर 82 स्टूडेंट्स को आधा गंजा कराया

चंद्रपुर आश्रम स्कूल में बच्चों के आधा गंजा किए जाने का मामला सामने आया। 82 छात्रों को अनुशासन के नाम पर सजा दी गई।