संसद में भारी हंगामा: पीएम मोदी के कथित अपमान पर दोनों सदन ठप, सोनिया गांधी से माफी की मांग
संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह की शुरुआत सोमवार को जोरदार हंगामे के साथ हुई। शोरगुल और अव्यवस्था के चलते लोकसभा और राज्यसभा—दोनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। सत्तापक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित अपमान का मुद्दा जोर-शोर से उठाया, जिससे सदन का माहौल गरमा गया।
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लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने पूर्व सांसदों के निधन पर शोक संदेश पढ़े। इसके बाद सदन में मौन रखा गया। शोक प्रस्ताव के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी के कथित अपमान को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया।

राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और सोनिया गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा और बयान देश की लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ हैं।
वहीं लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी की रैली में प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान का जिक्र किया। रिजिजू ने कहा कि वर्ष 2014 में जब एक भाजपा सांसद ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था, तब स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने सख्त रुख अपनाते हुए उनसे माफी मंगवाई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि अब कांग्रेस नेतृत्व इसी तरह की जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रहा।
रिजिजू ने दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की रैली का हवाला देते हुए कहा कि वहां प्रधानमंत्री मोदी की “कब्र खोदे जाने” जैसे नारे लगाए गए, जबकि पूरा पार्टी नेतृत्व मंच पर मौजूद था। उन्होंने इसे राजनीति के स्तर में गिरावट बताते हुए कहा कि कांग्रेस को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
इस मुद्दे पर सत्तापक्ष पूरी तरह आक्रामक नजर आया। अर्जुन राम मेघवाल, खेल मंत्री मनसुख मांडविया समेत कई भाजपा सांसदों और मंत्रियों ने एक स्वर में कांग्रेस से माफी की मांग की। बढ़ते हंगामे के कारण आखिरकार दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।



