रांची। झारखंड में JSSC CGL परीक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों के बीच हलचल तेज हो गई है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा से जुड़े मामले में आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया गया है।
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परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर उठे थे सवाल
JSSC CGL परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से लगातार शिकायतें और आपत्तियां सामने आ रही थीं। परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों ने मामले को गंभीर बना दिया था। इसके बाद सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस फैसले को अभ्यर्थियों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि राज्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करना उसकी प्राथमिकता है।
जल्द होगा नई तारीखों का ऐलान
परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों की नजर अब नई परीक्षा की तारीख और नई प्रक्रिया पर है। JSSC की ओर से आगे की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। नई परीक्षा कब आयोजित होगी और अभ्यर्थियों के लिए क्या व्यवस्था रहेगी, इसे लेकर आयोग के अगले आदेश का इंतजार है।
अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस ऐलान के बाद सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा रद्द करने का फैसला भले ही अभ्यर्थियों के लिए दोबारा तैयारी की चुनौती लेकर आए, लेकिन निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।
राहुल गांधी ने सोरेन को लिखा था पत्र
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने और लंबित मुद्दों का समाधान निकालने का आग्रह किया है। दरअसल, कांग्रेस पार्टी झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल है। राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भारतीय संविधान में दिया गया अधिकार है और लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। उन्होंने झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से उनकी बात संवेदनशीलता के साथ सुनने की अपील की थी।



