कोलकाता: महानायक उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी समारोह की तैयारियों के बीच बंगाल की राजनीति और सिनेमा में एक नया विवाद सामने आया है। बीजेपी नेता और दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने बंगाल फिल्म फेस्टिवल में न्योता नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है।
सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में मिथुन ने कहा कि उन्हें फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब वह मॉस्को फिल्म फेस्टिवल जा रहे हैं, जहां शायद उन्हें बुलाया जाएगा।
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मिथुन ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि बंगाल में उन्हें क्यों नहीं बुलाया जाता। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद आयोजकों की नजर में वह “छोटे कलाकार” हैं।

अभिनेता ने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल से कोई खास संबंध नहीं रखने वाले बड़े नामों को यहां आमंत्रित किया जाता है, जबकि बंगाल के अपने कलाकारों को नजरअंदाज किया जाता है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब राज्य में उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी मनाने की तैयारियां चल रही हैं। राज्य सरकार ने उत्तम कुमार के नाम पर फिल्म सेंटर बनाने और उनके जन्म शताब्दी समारोह को बड़े स्तर पर आयोजित करने की घोषणा की है।
मिथुन चक्रवर्ती का बंगाल के सिनेमा से लंबा जुड़ाव रहा है और उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
अब उनके बयान ने एक पुराना सवाल फिर खड़ा कर दिया है— कलाकारों के साथ भेदभाव होना चाहिए? या फिर फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रण पूरी तरह आयोजकों के फैसले पर निर्भर होना चाहिए?
बड़ा सवाल: क्या मिथुन दा को बंगाल फिल्म फेस्टिवल में बुलाया जाना चाहिए था?
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