इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को फिर गीदड़ भभकी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद उसकी रेड लाइन है और अगर भारत ने अपना रुख नहीं बदला तो पाकिस्तान इसका “सीधा जवाब” देगा।
इस्लामाबाद में ‘यादगार-ए-फतह’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए शहबाज शरीफ ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को अप्रैल 2025 में निलंबित किए जाने का मुद्दा उठाया। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए थे, जिनमें संधि को स्थगित करना भी शामिल था।
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शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन उसकी इस इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने पानी के मुद्दे को पाकिस्तान की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि इस मामले में इस्लामाबाद पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में अमेरिका-ईरान तनाव, मध्य पूर्व में शांति, सऊदी अरब और तुर्की के साथ समझौतों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच जिम्मेदार मध्यस्थ की भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने फील्ड मार्शल असीम मुनीर और विदेश मंत्री इसहाक डार के प्रयासों की भी सराहना की।
अफगानिस्तान के साथ तनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में शांति चाहता है, लेकिन अफगान धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल
क्या सिंधु जल संधि पर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव आने वाले दिनों में और बढ़ेगा? क्या पानी का मुद्दा दोनों परमाणु-सशस्त्र देशों के बीच एक नए टकराव की वजह बन सकता है?
आपकी राय क्या है? कमेंट करके बताइए—क्या भारत को पाकिस्तान की इस चेतावनी का जवाब देना चाहिए या सिंधु जल विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए?



