👉 यह भी पढ़ें:
- मध्यप्रदेश में ‘मोहन मैजिक’ से सत्ता संतुलन, सिंधिया को हराने वाले केपी यादव को मिली ‘शक्ति’
- ग्वालियर में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की टक्कर से पांच की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
- फरारी खत्म: विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ग्वालियर से गिरफ्तार, शोषण के आरोपों में कार्रवाई तेज
- ग्वालियर…शक्ति दीदी के रूप में कलेक्टर ने शुरू कराया कार्य
- HBTV न्यूज ग्वालियर…क्षेत्रीय इन्वेस्टमेंट समिट ने मध्य प्रदेश के चहुंमुखी विकास की एक मजबूत नींव रखी है..शाह
- ग्वालियर… केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया शस्त्र पूजन
0:00 left
भोपाल। ग्वालियर से बेंगलुरु के बीच नई ट्रेन शुरु होने वाली है। इसकी घोषणा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की है। नई ट्रेन की घोषणा के बाद गुना सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह के बीच श्रेय की जंग की राजनीति शुरू हो गई। दोनों नेता इसके लिए खुद को श्रेय दे रहे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पर तंज कसते हुए कहा है कि दोनों नेता एक ही कोच में कुश्ती लड़ लें।
उल्लेखनीय है कि 28 मई को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस नई ट्रेन को मंजूरी दी थी। रेल मंत्री ने गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह को ट्रेन की स्वीकृति का पत्र भेजा। रेल मंत्री ने दोनों ही सांसदों द्वारा इस रेल को शुरू करने के लिए लिखे गए पत्रों का उल्लेख किया। ट्रेन की मंजूरी मिलने पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक्स पर लिखा कि ग्वालियर-चंबल के यात्रियों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांग को पूरा करने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। गुना क्षेत्र के यात्री विशेषकर बेंगलुरु में कार्यरत मेरे युवा साथी जल्द ही इस रेल सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
दूसरी तरफ ग्वालियर के सांसद भारत सिंह कुशवाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ग्वालियर से बेंगलुरु के बीच सीधी ट्रेन संख्या 11085/11086 की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री जी, केंद्रीय रेल मंत्री जी और मुख्यमंत्री जी का ग्वालियर अंचल की समस्त जनता-जनार्दन की ओर से बहुत-बहुत आभार एवं धन्यवाद। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दोनों नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि मैं समझता हूं कि इन दोनों सांसदों को इस नई ट्रेन के एक ही कोच में बैठकर आरोप-प्रत्यारोपों पर कुश्ती करना चाहिए। जो कोच से बाहर आएगा वो जीतेगा और उसी को श्रेय मिल जाएगा।



