मुंबई। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार 19 अगस्त को शेयर बाजार में सुस्त नजर आ रही है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में नजर आए। बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 29.24 अंक की सुस्ती के साथ 77,196.22 के स्तर पर खुला, एनएसई का निफ्टी 22.85 अंक फिसलकर 24,132.05 के स्तर पर आ गया।
आईटी शेयरों में दिखी मजबूती
बुधवार के कारोबार के शुरुआती दौर में मिला-जुला रुख देखने को मिला। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी शेयरों में अच्छी खरीदारी रही और निफ्टी आईटी 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी और टेलीकॉम शेयरों में भी हल्की तेजी दर्ज की गई। इसके विपरित निफ्टी मेटल, ऑटो, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा और ये लाल निशान के साथ बंद हुए.
👉 यह भी पढ़ें:
- Stock Market: सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन लाल निशान में शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के
- Stock Market: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन लाल निशान में शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के
- Stock Market : सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन लाल हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के
- Stock Market: सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन लाल निशान में शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी लुढ़के
- Stock Market : सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन लाल निशान में बाजार
- Stock Market: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार की धीमी रफ्तार, सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ कर रहे कारोबार
सेंसेक्स के इन शेयरों में तेजी
सेंसेक्स में एचसीएल टेक में 1.14%, इटरनल में 1.08%, इन्फोसिस में 0.90%, और सन फार्मा में 0.83% तेजी दिखी। इसके अलावा, विप्रो, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, कोटक बैंक, ट्रेंट और आईटीसी भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
इन शेयरों में दिखी गिरावट
सेसेंक्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक तथा इंडिगो के शेयरों में गिरावट नजर आई। हिंडाल्को, लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर भी नुकसान में रहे।
निफ्टी आईटी में भी दिखी तेजी
सेक्टर के आधार पर देखें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी फार्मा में मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इंफ्रा और निफ्टी बैंक दबाव में नजर आए।
आखिर क्यों है बाजार में गिरावट
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को बंद रखने के बयान और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में 2007 के बाद की सबसे बड़ी तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कच्चे तेल के तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला है।



