नई दिल्ली/मेरठ: स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कथित आतंकी नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े होने के आरोप में मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जानकारी साझा की।
अमित शाह के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का सहयोग करने वाले गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में कार्रवाई के दौरान 200 से अधिक ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार कर संभावित हमलों की योजनाओं को नाकाम किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने कथित नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों में ऑपरेशन चलाया।
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वेस्ट यूपी में 16 संदिग्धों की गिरफ्तारी
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, पिछले करीब सात महीनों में ATS और सिविल पुलिस की कार्रवाई में पश्चिमी यूपी से 16 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से पकड़े गए संदिग्ध शामिल हैं।
जांच एजेंसियों को कथित तौर पर इनमें से कई लोगों का कनेक्शन मेरठ से मिला है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरफ्तार संदिग्धों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।
बुलंदशहर के मदरसे से जुड़ा बताया जा रहा कनेक्शन
जांच के दौरान मोहम्मद जफर का कथित कनेक्शन बुलंदशहर के एक मदरसे से भी सामने आने की बात कही जा रही है। ATS इस मामले में जफर के परिचितों और रिश्तेदारों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जफर को पहले पूछताछ के बाद छोड़ा गया था, लेकिन उसके दस्तावेजों की जांच के बाद एजेंसियों को उसके कथित जैश-ए-मोहम्मद कनेक्शन की जानकारी मिली। इसके बाद उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि जफर कथित तौर पर संगठन के लिए चंदा जुटा रहा था और पाकिस्तान जाने की कोशिश में था। उसके पासपोर्ट और संभावित विदेश यात्रा से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
क्या अभी और गिरफ्तारियां होंगी?
ATS और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जफर से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच कर रही हैं। फिलहाल एजेंसियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि कथित नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और क्या किसी बड़े हमले की साजिश की जा रही थी।
क्या आपको लगता है कि पश्चिमी यूपी में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों की गहराई से जांच और जरूरी है? क्या सुरक्षा एजेंसियों की यह कार्रवाई संभावित आतंकी नेटवर्क को समय रहते रोकने में महत्वपूर्ण साबित होगी?
आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताएं।



