नई दिल्ली: देश के पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते बाढ़, भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है।
अरुणाचल में बाढ़ जैसे हालात, सेना का कैंप भी प्रभावित
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अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में लगातार मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी तस्वीरों और वीडियो में कई इलाकों में पानी का तेज बहाव और जलभराव दिखाई दे रहा है। मौसम की मार से एक सेना शिविर के प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है।
राज्य के दूसरे हिस्सों में भी भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने चिंता बढ़ाई है। हालिया घटनाओं में सेना के जवानों के लापता होने की खबरों के बीच राहत और बचाव एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

सिक्किम में सक्रिय भूस्खलन से दहशत
सिक्किम के पश्चिमी हिस्से में रिम्बी और सिंगलिटम क्षेत्रों में सक्रिय भूस्खलन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने प्रभावित और संवेदनशील परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 38 घर और 150 से अधिक लोग जोखिम में हैं।
हिमाचल में 183 मौतें, 972 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
मानसून की बारिश ने हिमाचल प्रदेश में भी भारी तबाही मचाई है। 30 जून से 15 अगस्त 2026 के बीच राज्य में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में कुल 183 लोगों की मौत हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य को ₹972.64 करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। इनमें 79 मौतें प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में और 104 मौतें सड़क हादसों में हुईं।
सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है, जिससे सड़क और बुनियादी ढांचे पर मानसून की मार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
18-19 अगस्त तक बारिश से राहत नहीं?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच आने वाले दिनों में भी कई पहाड़ी और पूर्वोत्तर इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने राहत, बचाव और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने की बड़ी चुनौती है।



