राजधानी दिल्ली के कालकाजी-गोविंदपुरी फ्लाईओवर के पास रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मशहूर पंजाबी तड़का रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और मौके पर रखे तीन कमर्शियल LPG सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
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सबसे राहत की बात यह रही कि दमकलकर्मियों ने इमारत की दूसरी मंजिल पर फंसी करीब 70-75 वर्षीय सीता देवी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते रेस्क्यू नहीं होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
दमकल विभाग के अनुसार, यह इमारत बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और तीन मंजिलों के साथ-साथ छत पर बने अस्थायी ढांचे वाली है। आग की गंभीरता को देखते हुए सुबह 5:05 बजे “मेक-4” कॉल घोषित की गई, जिसके बाद अतिरिक्त दमकल वाहनों को तत्काल मौके पर भेजा गया।
फिलहाल घटनास्थल पर 9 दमकल वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें वाटर टेंडर, वाटर बाउजर, ब्रेथिंग सपोर्ट यूनिट और मल्टीपर्पज वाहन शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर कूलिंग ऑपरेशन जारी है।
आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस और फायर विभाग की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे के बाद एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी नियमों और LPG सिलेंडर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।



