12 साल बाद सीरिया से अमेरिकी सेना की पूरी वापसी: देश के एकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

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करीब 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अमेरिका ने सीरिया से अपने सभी सैन्य ठिकाने खाली कर दिए हैं। हसाका स्थित कसराक एयरबेस से आखिरी अमेरिकी काफिले के निकलने के साथ यह प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद सीरियाई सरकार ने सभी सैन्य अड्डों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इसे देश को एकजुट करने और पूरे क्षेत्र में सरकारी पकड़ मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक मोड़ बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार लगभग 2000 सैनिकों को जॉर्डन स्थानांतरित किया जा रहा है। अमेरिका ने हसाका, रुमैलान और देइर एज-जोर समेत कम से कम सात बड़े ठिकानों को खाली किया, जिनमें कसराक एयरबेस अंतिम था।

इस घटनाक्रम के समानांतर, सीरिया सरकार और एसडीएफ के बीच हुए समझौते के तहत कुर्द लड़ाकों को राष्ट्रीय सेना में शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इससे सीमावर्ती इलाकों में दमिश्क का नियंत्रण और मजबूत हुआ है।

हाल ही में सीरिया ने अंतरराष्ट्रीय आईएस-विरोधी गठबंधन में शामिल होकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। इससे अमेरिका की सैन्य मौजूदगी का औचित्य कमजोर पड़ा और उसे क्षेत्रीय नीति पर पुनर्विचार करना पड़ा।

अमेरिका और सीरिया के संबंध लंबे समय तक तनावपूर्ण रहे, लेकिन दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद हालात तेजी से बदले। मई 2025 में सऊदी अरब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सीरियाई नेतृत्व के बीच हुई पहली मुलाकात के बाद अमेरिका ने सीरिया पर लगे अधिकांश प्रतिबंध हटाने की घोषणा की।

यह घटनाक्रम न केवल सीरिया के लिए बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र की राजनीति के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

Abhilash Shukla (Editor)
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Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

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