Iran vs US Conflict के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना (US Central Command) ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़ रहे ईरान के चार ड्रोन को मार गिराया है।
सेंटकॉम (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि ये “वन-वे अटैक ड्रोन” समुद्री यातायात के लिए गंभीर खतरा बन सकते थे। अमेरिकी बलों ने न केवल ड्रोन को नष्ट किया, बल्कि आगे के संभावित हमलों को रोकने के लिए गोरुक और क़ेशम द्वीप स्थित ईरानी रडार ठिकानों पर भी कार्रवाई की।
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अब तक ईरान की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ गई है।
इससे पहले कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत और 60 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। हालांकि, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हमले में अपनी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि नुकसान अमेरिकी मिसाइल इंटरसेप्टर की तकनीकी विफलता के कारण हुआ।
वहीं, अमेरिकी सेना ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए एयरपोर्ट पर हुए हमले को “ईरान द्वारा किया गया जानबूझकर और उकसावे वाला हमला” बताया है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने को लेकर अब तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या Middle East Conflict अब और भड़कने वाला है? क्या Strait of Hormuz में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल सप्लाई और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डालेगा?
आपकी राय क्या है? क्या अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है, या फिर दोनों देश जल्द कूटनीतिक समाधान निकाल लेंगे? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



