नई दिल्ली। उत्तराखंड के सोनप्रयाग–गौरीकुंड पैदल मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा पर तीन दिन के लिए रोक दी गई है। बताया जाता है कि मुनकटिया से करीब डेढ़ किमी आगे पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढहने से रुद्रप्रयाग–गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। यहां दोनों तरफ से आवाजाही ठप हो गई है।
बताया जाता है कि बुधवार सुबह सोनप्रयाग–गौरीकुंड पैदल मार्ग बंद हो गया। हाईवे बंद होने पर पुलिस ने गौरीकुंड और सोनप्रयाग से दोतरफा आवाजाही को रोक दिया है। मंगलवार को शाम साढ़े छह बजे बारिश के बीच मुनकटिया से करीब डेढ़ किमी आगे ऊपरी तरफ चट्टान का बड़ा हिस्सा भरभराकर सड़क आ गिरा।
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सोनप्रयाग कोतवाली प्रभारी राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि बड़े–बड़े बोल्डर के साथ ही मलबा भी गिरा है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। इससे गौरीकुंड और सोनप्रयाग में यात्रियों को रोक दिया गया है। दो मशीनों की मदद से मलबा साफ करने का काम शुरू कर दिया गया है। रुक–रुककर होती बारिश और अंधेरे के चलते कार्य में दिक्कत हो रही है।
मंगलवार को दिनभर हुई बारिश के बीच सोनप्रयाग से 2000 श्रद्धालु पैदल मार्ग से धाम रवाना हुए। वहीं दर्शन कर 1300 यात्री शाम 5 बजे तक सोनप्रयाग पहुंच गए थे। केदारनाथ में भी बारिश के बीच दर्शनों के लिए भक्तों का उत्साह चरम पर रहा। तड़के से हुई बारिश के बीच सुबह 6 बजे से सोनप्रयाग से श्रद्धालुओं को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। इस दौरान कई बार बारिश तेज भी हुई, जिसके चलते यात्रियों को रोका भी गया।



