संविधान संशोधन के मामले में रजिस्ट्रार ने डेली कॉलेज की अपील कर दी खारिज, असिस्टेंट रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ पहुंचे थे भोपाल

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इंदौर। रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी, मध्यप्रदेश ने डेली कॉलेज की अपील खारिज कर दी है। डेली कॉलेज ने असिस्टेंट रजिस्ट्रार के उस आदेश के खिलाफ अपील की थी, जिसमें 10 नवंबर 25 के कहा गया था कि पेंडिंग प्रकरण का निराकरण नहीं होने तक डेली कॉलेज संविधान में कोई संसोधन नहीं करें। अब रजिस्ट्रार ने इस अपील को अपील योग्य ही नहीं माना है।

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले डेली कॉलेज बोर्ड के कुछ पैरेंट्स ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से कहा था कि 12 नवंबर 25 को एक बैठक बुलाई गई है। इसमें डीसी बोर्ड संविधान में संशोधन करना चाहता है। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर सहायक रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी बीडी कुबेर ने एक आदेश निकाला कि 12 नवंबर को होने वाली बैठक में संविधान संशोधन संबंधित कोई कार्रवाई नहीं की जाए। सहायक रजिस्ट्रार के आदेश के बाद 12 नवंबर को डीसी बोर्ड की बैठक तो हुई, लेकिन संविधान नहीं बदला जा सका।

बिना एजीएम बुलाए संविधान संशोधन की कोशिश

कलेक्टर को सौंपे अपने ज्ञापन में कहा गया था कि डीसी बोर्ड ने एक जुलाई 25 को अपनी मीटिंग में बिना एजीएम बुलाए गलत तरीके से संविधान बदलने का प्रयास किया था। इसके विरुद्ध संदीप पारेख ने एक याचिका सब रजिस्ट्रार इंदौर के समक्ष याचिका दायर की थी। इस प्रकरण में 26 फरवरी 26 सब रजिस्ट्रार ने यथास्थिति रखने का आदेश पारित किया।

29 अगस्त 25 का प्रकरण अब भी लंबित

डीसी बोर्ड के सदस्य संदीप पारेख ने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के मकसद से असिस्टेंट रजिस्ट्रार इंदौर के समक्ष एक याचिका दायर की थी। इसमें असिस्टेंट रजिस्ट्रार ने 29 अगस्त 25 को एक आदेश पारित किया कि डेली कॉलेज में वार्षिक आमसभा बुलाई जाए, जिसमें सभी सदस्यों को आमंत्रित किया जाए। इस आदेश के विरुद्ध डेली कॉलेज ने रजिस्ट्रार भोपाल में अपील दायर की एवं 19 सितंबर 25 को डेली कॉलेज को स्टे मिल गया।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने जारी किए थे निर्देश

पैरेंट्स की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने सब रजिस्ट्रार को यह निर्देश जारी किए थे कि 12 नवंबर को होनेवाली बैठक में सिर्फ प्रशासनिक एवं स्कूल के कार्यों से संबंधित ही फैसले लिए जाएं। शासन के नियमों के विपरित या संविधान बदलने जैसा कोई फैसला नहीं लिया जाए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि पैरैंट्स की शिकायत पर उन्होंने गौर किया है। यह भी पाया गया है कि इस मामले में शासन से एक स्टे मिला हुआ है। ऐसे में कोई व्यापक चेंज वाले प्रस्ताव पर मंजूरी नहीं हो सकती है।

हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार के पास जाने को कहा था

असिस्टेंट रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ डेली कॉलेज ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर आदेश से संतुष्ट नहीं हों तो सीनियर अथॉरिटी के यहां अपील कर दीजिए। इसके बाद डेली कॉलेज ने रजिस्ट्रार के पास अपील की थी। जब इसके निराकरण में भी विलंब हुआ तो डेली कॉलेज फिर हाईकोर्ट के पास पहुंचा। हाईकोर्ट ने 8 जनवरी को रजिस्ट्रार से कहा कि 21 दिनों इसका निराकरण कर दें। इसके बाद रजिस्ट्रार ने संदीप पारेख और डीसी बोर्ड को बुलाया। पहले 29 जनवरी और 6 फरवरी को दोनों पक्षा हाजिर हुए। फिर 9 मार्च को रिटेन सबमिशन समिट किया गया और 12 मार्च को रजिस्ट्रार ने यह अपील खारिज कर दी।

संविधान संशोधन को लेकर यथास्थिति

रजिस्ट्रार द्वारा अपील खारिज होने के बाद डीसी बोर्ड अभी भी संविधान में संशोधन नहीं कर सकता, क्योंकि भोपाल में पेंडिग प्रकरण का अभी निराकरण नहीं हुआ है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार के 29 अगस्त 25 के उस आदेश पर अब भी फैसला बाकी है, जिसमें कहा गया था कि डेली कॉलेज में वार्षिक आमसभा बुलाई जाए, जिसमें सभी सदस्यों को आमंत्रित किया जाए। इस आदेश के विरुद्ध डेली कॉलेज ने रजिस्ट्रार भोपाल में अपील दायर की एवं 19 सितंबर 25 को डेली कॉलेज को स्टे मिल गया था। जब तक इस प्रकरण का निराकरण नहीं होता, तब तक संविधान संशोधन संभव नहीं।

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