इंदौर। डेली कॉलेज में इन दिनों बोर्ड ऑफ गर्वनेंस के चुनाव चल रहे हैं। इस बीच मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इसमें ओल्ड डेलियन ने सचिव मयूरध्वज सिंह के माध्यम से महाराज से मिलने का समय मांगा जिसे महाराज ने सहर्ष स्वीकार किया। इसके बाद महाराजा विक्रम सिंह पवार, हरपाल सिंह भाटिया ने ओल्ड डेलियन एसोसिएशन (ओडीए) के पदाधिकारियों के साथ बैठक की । बैठक का उद्देश्य हाल के दिनों में संविधान संशोधन एवं अन्य मुद्दों को लेकर ओल्ड डेलियन्स के बीच उत्पन्न भ्रम और शंकाओं पर खुले रूप से चर्चा करना था।
संविधान में बदलाव पर भी चर्चा
बैठक में ओडीए पदाधिकारियों की अच्छी उपस्थिति रही और पूरे संवाद का वातावरण सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण रहा। विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें विशेष रूप से संविधान में हुए बदलावों और उनसे जुड़े पहलुओं को स्पष्ट करने पर जोर दिया गया।
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नए बोर्ड के बाद होगी EOGM
बैठक में ओल्ड डेलियंस ने सर्वसम्मति से प्रेसिडेंट oda को यह प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्णय लिया की प्रस्तावित EOGM जो 10 मई को आयोजित की जानी थी, अब नए बोर्ड के गठन के बाद आयोजित की जाए। इस निर्णय के पीछे यह विचार रहा कि नए बोर्ड के गठन के बाद सभी ओल्ड डेलियन्स के साथ अधिक व्यापक और तथ्यात्मक संवाद किया जा सके। बैठक के दौरान ओडीए पदाधिकारियों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और उन्होंने लिखित रूप में यह सुझाव भी दिया कि EOGM को नए बोर्ड के गठन के बाद आयोजित किया जाना उचित रहेगा। इससे सभी पक्षों को तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर निर्णय लेने का अवसर मिल सके।
EOGM में उपस्थित रहेंगे महाराजा पवार
बैठक में यह भी तय हुआ कि आगामी EOGM में महाराजा विक्रम सिंह पवार स्वयं उपस्थित रहकर सभी ओल्ड डेलियन्स को संविधान संशोधन एवं अन्य संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी देंगे। इसके साथ ही सभी शंकाओं और भ्रांतियों का समाधान किया जाएगा। बैठक में यह भावना स्पष्ट रूप से सामने आई कि आगे की प्रक्रिया पारदर्शिता, संवाद और आपसी सहमति के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
पवार बोले-इस तरह का खुला संवाद था जरूरी
बैठक के उपरांत महाराजा विक्रम सिंह पवार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की परिस्थितियों के बाद इस प्रकार का सकारात्मक और खुला संवाद होना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इसके अच्छे और रचनात्मक परिणाम सामने आएंगे तथा डेली कॉलेज की संस्थागत गरिमा और सामंजस्य को और मजबूती मिलेगी। महाराज ने कहा कि जो भी समस्याएं हैं आगे मिलजुलकर उसका रास्ता निकालेंगे।


