इंदौर मेट्रो का बजट 12 हजार 900 करोड़ हुआ, मोहन कैबिनेट की बैठक में कई फैसले, तबादले की समय सीमा आज रात 12 बजे तक

Date:

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कई फैसले लिए गए। बैठक में राज्य के कर्मचारियों के तबादलों को लेकर यह तय किया गया कि आज यानी मंगलवार रात 12 बजे तक ही तबादले हो पाएंगे। कैबिनेट ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत की मंजूरी भी दे दी है।

उल्लेखनीय है कि पहल ेपरियोजना की अनुमानित लागत पहले करीब 7,500 करोड़ रुपए तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर अब 12,900 करोड़ रुपए कर दिया गया है। बढ़ती लागत और परियोजना की जरूरतों को देखते हुए संशोधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

तबादले के लिए 24 घंटे की और मोहलत

सरकार ने तबादला अवधि में 24 घंटे की अतिरिक्त राहत देते हुए इसकी समय-सीमा बढ़ा दी है। अब प्रदेश में आज रात 12 बजे तक तबादले किए जा सकेंगे। इसस पहले 20 मई को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 मई को आदेश जारी कर सभी विभागों को 15 जून तक तबादले करने के निर्देश दिए थे। अब सरकार ने एक दिन का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है।

मंत्रियों ने ट्रांसफर के लिए दो दिन मांगे थे

मंत्रियों ने सीएम से कहा कि ट्रांसफर के लिए समय बढ़ा दिया जाए, क्योंकि कई आदेश पाइपलाइन में हैं। उन पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं। थोड़ा और समय मिल जाएगा। पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि इसके लिए कम से कम दो दिन का समय और मिलना चाहिए। इस पर सीएम यादव बोले- इस बार आप लोगों ने अच्छा काम किया है। 90 प्रतिशत तबादले तो हो ही चुके हैं। जो कुछ बचे हैं, उन्हें आज रात तक पूरा कर लो। मंत्रियों ने कहा कि आज रात तक नहीं, कम से कम दो दिन का समय मिलना चाहिए। इस पर सीएम यादव ने स्पष्ट कहा- इससे ज्यादा समय नहीं मिलेगा। आज रात 12 बजे तक आप तबादले कर सकते हैं। यहीं पर बात अंतिम रूप से तय कर दी गई।

स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति  मंजूर

मोहन कैबिनेट ने स्वास्थ्य अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। नीति का उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना और अस्पतालों तथा डायग्नोस्टिक केंद्रों को प्रोत्साहन देना है। इसके तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत परोपकारी, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित अस्पतालों एवं डायग्नोस्टिक केंद्रों को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। नीति के अनुसार, इन संस्थाओं को बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

अस्पताल चलाने वाले ट्रस्टों को मिलेगी जमीन

मोहन कैबिनेट में अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर अहम चर्चा हुई। सरकार ने ऐसे ट्रस्टों को जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाने का फैसला किया है, जो अस्पतालों का संचालन करने में सक्षम हैं। इसके लिए पांच मंत्रियों की एक समिति गठित की जाएगी। यह समिति तय करेगी कि ट्रस्टों को जमीन अलॉट करने के लिए क्या मानदंड होंगे और इस संबंध में अन्य सुझाव भी सरकार को देगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर स्वास्थ्य अधोसंरचना को बढ़ाने के लिए आगे निर्णय लिया जाएगा।

रेशम उद्योग के लिए 639 करोड़

प्रदेश में रेशम उत्पादन और उससे जुड़े रोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए कैबिनेट ने 639 करोड़ 25 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इससे रेशम समृद्धि योजना, टसर रेशम विकास कार्यक्रम, विपणन अधोसंरचना निर्माण और क्लस्टर विकास कार्यक्रमों को गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य रेशम उत्पादकों, बुनकरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि करना है।

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

राम मंदिर चढ़ावा चोरी, क्या इन्हें माफ कर दोगे रामजी!

अयोध्या के राम मंदिर के लिए लगभग 500 वर्षों तक संघर्ष चला। 1528 में बाबरी मस्जिद के निर्माण के बाद से ही हिंदू समाज ने इसे वापस पाने के लिए लड़ाइयां शुरू कीं। 1528 से लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक यानी 2019 तक इस मुद्दे पर सैकड़ों बार छोटे-बड़े संघर्ष और कानूनी लड़ाइयां हुईं।