प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी बहुप्रतीक्षित मुलाकात अब तय हो गई है। व्हाइट हाउस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। दोनों नेताओं के बीच G7 Summit के इतर बुधवार को द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी इस समय फ्रांस और स्लोवाकिया की एक सप्ताह लंबी यात्रा पर हैं। फ्रांस के नीस शहर पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसी दौरे के दौरान ट्रंप और मोदी की मुलाकात को लेकर कूटनीतिक हलकों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है।
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व्हाइट हाउस के अनुसार, G7 सम्मेलन के दौरान होने वाली इस बैठक में भारत-अमेरिका संबंध, वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
इस बीच खबर है कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने सहयोगी देशों ब्रिटेन और फ्रांस के साथ Strait of Hormuz को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं। मध्य पूर्व की बदलती परिस्थितियों और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में यह मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि फ्रांस भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने याद दिलाया कि इसी वर्ष राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को Special Global Strategic Partnership के स्तर तक पहुंचाया था।
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। राफेल लड़ाकू विमान, रक्षा तकनीक, समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में दोनों देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
अब सबकी नजरें मोदी-ट्रंप बैठक पर हैं, क्योंकि यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक राजनीति, व्यापार और सुरक्षा समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
बड़ा सवाल
क्या G7 Summit में PM Modi और Donald Trump की यह मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई देगी, या फिर यह केवल एक औपचारिक कूटनीतिक बैठक बनकर रह जाएगी?
आपकी क्या राय है? भारत को अमेरिका के साथ रक्षा, व्यापार और वैश्विक रणनीति के मोर्चे पर किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



