Mohan Cabinet : मध्यप्रदेश में मंडी शुल्क बढ़ा, लेकन कपास किसानों को राहत, सरकार को होगा 800 करोड़ का फायदा

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भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने मंडी शुल्क में मंडी शुल्क को एक से बढ़ाकर डेढ़ परसेंट कर दिया है। इससे सरकार को लगभग 835 करोड़ रूपये एक साल में मिलेंगे। दूसरी तरफ कपास पर मंडी शुल्क प्रति गठान पर एक रुपए के स्थान पर पचास पैसे किया गया है।

मंगलवार को भोपाल में सीएम डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसले लिए गए। बैठक में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त राशि देने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ। मेट्रो रेल परियोजना की लागत में 3000 करोड रुपए की वृद्धि की गई। पहले यह 6941 हजार करोड़ रुपये थी, जो अब 10033 करोड़ रुपये हो गई है।

15 जून तक तबादले का काम होगा पूरा

मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे 15 जून तक तबादले काम पूरा कर लें, तारीख में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थित करना है।

भोपाल मेट्रो की बढ़ गई है लागत

कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भोपाल मेट्रो रेल परियोजना 2016 में तैयार की गई थी। उस समय इसकी अनुमानित लागत करीब 6 हजार 241 करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर 10,033 करोड़ रुपए हो गई है। परियोजना को गति देने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए बढ़ी हुई लागत को मंजूरी दी गई है। सरकार का दावा है कि अगले दो सालों में परियोजना का स्वरूप और अधिक स्पष्ट दिखाई देगा।

कपास पर मंडी शुल्क घटाया

कैबिनेट ने किसानों के हित में कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को कम करने का फैसला भी किया है। मंत्री काश्यप ने बताया कि पहले कपास पर मंडी शुल्क अधिक होने के कारण किसानों और व्यापारियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। अब कपास पर केवल 0.50% मंडी शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में भी इसी दर से शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क को कुछ वर्ष पहले डेढ़% से घटाकर एक%% कर दिया गया था, जिसे अब फिर बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अब सरकार कपास के अलावा अन्य कृषि उपज पर डेढ़% मंडी शुल्क वसूलेगी। इससे सरकार को लगभग 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

प्राकृतिक खेती के लिए कार्यशालाएं

सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष अभियान चलाने जा रही है। मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनके माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभ और तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को रसायन-मुक्त खेती के लाभों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

पीएम मोदी के 12 साल पूरे होने पर कार्यक्रम

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में जनकल्याण और विकास कार्यों से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यकाल में गरीबी कम होने और विकास कार्यों में तेजी आने पर भी चर्चा हुई।

उर्वरक वितरण पर रहेगी विशेष निगरानी

खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रत्येक जिले में उर्वरक वितरण की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया है। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों के विधायक और मंत्री भी समन्वय की भूमिका निभाएंगे ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा सके और किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

अगले कृषि सीजन की तैयारियां अभी से शुरू

राज्य सरकार ने आगामी कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारियां शुरू करने का निर्णय लिया है। उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कृषि से जुड़ी अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और कृषि कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।

Harish Fatehchandani
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Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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