इंदौर। लोकायुक्त की इंदौर इकाई की टीम ने नगर निगम के जोन क्रमां 22 के सफाई दरोगा गोपाल पटौना तथा थर्ड आई कंपनी के सुपरवाइजर भरत मुराड़िया को रिश्वत लेते रंगोहाथों पकड़ा है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7,61(2) के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
इंदौर के लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के पास मनोज चौहान ने आवेदन देकर इसकी शिकायत की थी। शिकायत में उन्होंने कहा था कि उसका ट्रैक्टर C 21 मॉल का मलबा उसकी ही साइट पर ले जाकर डालता है। प्रति फेरा 500 रुपए मिलते हैं। 24 सितंबर 25 को नगर निगम के जोन क्रमांक 22 के दरोगा गोपाल और भरत ने उसका ट्रैक्टर पकड़ लिया और बोला है कि मलबा के साथ कचरा भी है। ट्रैक्टर रोक रखा है और 10 हजार रुपए ट्रैक्टर छोड़ने के मांग रहे हैं नहीं तो जब्त करने की धमकी दे रहे है। जांच में पता चला कि भरत ने उसी समय 2000 रुपए ले लिए और बाकी 3000 रुपए आज यानी 25 सितंबर को देने के लिए बुलाया। आरोपियों ने आवेदक का मोबाइल भी लेकर रख लिया कहा कि कल बाकी के पैसे देकर ले जाना। इसके बाद ट्रैप दल गठित किया गया। गोपाल पटौना ने 3000 रुपए लिए और भरत को दे दिए। इतना ही नहीं रिश्वत लेने के दौरान गोपाल ने अपने लिए मासिक बंदी की मांग भी की। रिश्वत राशि लेते ही आसपास तैनात लोकायुक्त दल ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया। ट्रैप दल में निरीक्षक प्रतिभा तोमर, सऊनि रहीम खान, प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ल, आरक्षक शैलेन्द्र बघेल, आदित्य भदौरिया, कमलेश परिहार, राकेश मिश्रा तथा चालक शेरसिंह शामिल थे।
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