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इंदौर। गुरु को भगवान के समान माना गया है। गुरु की पूजा और उनका सम्मान करने के लिए गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। यह हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाया जाता है, इस बार गुरु पूर्णिमा का पावन त्योहार रविवार 21 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन गुरुओं का आशीर्वाद लेने के अलावा स्नान, दान आदि का भी विशेष महत्व होता है। कहते हैं कि गुरु की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है और दुख और कष्ट का नाश होता है।
गुरु पूर्णिमा के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ या नए कपड़े पहनें। दिन की शुरुआत भगवान के ध्यान से करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें, इसके बाद पूजा स्थल पर बैठकर भगवान विष्णु और वेदव्यास जी की प्रतिमा स्थापित करें, इस पर फूल, धूप, दीप, अक्षत, हल्दी आदि चीजें अर्पित करें। घी का दीया जलाकर आरती करें और सच्चे मन से गुरु चालीसा और गुरु कवच का पाठ करें। गुरु पूर्णिमा के दिन आप फल, मिठाई, खीर आदि चीजों का भोग लगा सकते हैं। गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु का आशीर्वाद पाने के लिए आप उनके चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लें। इसके बाद 108 तुलसी या रुद्राक्ष की माला पर गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु र्गुरुर्देवो महेश्वरः, गुरु साक्षात परब्रह्मा तस्मै श्रीगुरवे नमः मंत्र का जाप करें।



