भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिग्विज सिंह के भाई पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह को कांग्रेस ने 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लक्ष्मण सिंह लंबे समय से राहुल गांधी सहित अन्य पार्टी नेताओं के खिलाफ बयान दे रहे थे। चेतावनी के बाद भी नहीं माने और कहा था कि पार्टी जब चाहे निकाल दे।
लक्ष्मण सिंह के निष्कासन पत्र में कहा गया है कि राहुल गांधी, उमर अब्दुल्ला और रॉबर्ट वाड्रा को लेकर दिए गए बयानों को पार्टी ने अनुशासनहीनता मानता है। इसी के चलते अब उन्हें पूरे 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। लक्ष्मण सिंह के निष्कासन के लिए कांग्रेस की डिसिप्लिनरी कमिटी के अध्यक्ष सांसद तारिक अनवर ने आला कमान को सिफारिश भेजी थी। कांग्रेस पार्टी ने उनके इस बयान को गंभीरता से लेते हुए 9 मई को लक्ष्मणसिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और 10 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा था। हालांकि, प्राप्त जवाब को पार्टी ने असंतोषजनक माना और इसके आधार पर उनके निलंबन की सिफारिश कर दी गई थी।
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राहुल गांधी को आतंकियों के साथ बताया था
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने लक्ष्मण सिंह को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उनकी प्राथमिक सदस्यता भी निरस्त कर दी गई है। नायक ने कहा कि यह संदेश है कि डिसिप्लिन सबके लिए है। अनेक बार लक्षण सिंह ने पार्टी को असहज कर देने वाले बयान दिए थे। नायक ने बताया कि लक्ष्मण सिंह ने कहा था कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी आतंकवादियों के साथ खड़े हैं। इस बयान को बर्दाश्त नहीं किया गया और उनको निष्कासित कर दिया गया है। नायक ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की तरह नहीं है। जहां मंत्री विजय शाह इस तरह के बयान के बाद भी बैठे हैं। लक्ष्मण सिंह को उसी दल में भाजपा डालेगी जिसमें सुरेश पचौरी पड़े हुए हैं। कांग्रेस में अनुशासनहीनता बरदाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी हो, अनुशासनहीनता करने पर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
आलाकमान को दी थी चुनौती
लक्ष्मण सिंह ने 24 अप्रैल को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और जम्मू–कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ बयान दिया था। उन्होंने उमर अब्दुल्ला को आतंकवादियों से मिले होने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि हमारे नेताओं को सोच–समझकर बोलना चाहिए, नहीं तो चुनावों में उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अगर पार्टी को मुझे निकालना है तो आज ही निकाल दें।



