आईडीए में बड़ा खेला : 113 नंबर स्कीम की कृष्णा संस्था को 136 में दे दी जमीन, लोकायुक्त पहुंची शिकायत

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

इंदौर। इंदौर की एक खासियत रही है कि यहां जो भी अफसर आते हैं, वे भूमाफियाओं के इशारे पर चलने लगते हैं। इंदौर विकास प्राधिकरण के वर्तमान सीईओ डॉ.परीक्षित झाड़े का एक ऐसा ही मामला सामने आया है। सूत्र बताते हैं कि झाड़े साहब ने कृष्णा गृह निर्माण संस्था को नियम विरुद्ध गलत तरीके से जमीन आवंटित की है।

शपथ पत्र लेने के बाद भी दे दी जमीन

प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना क्रमांक 113 में कृष्णा गृह निर्माण संस्था की करीब दो एकड़ जमीन थी, जिस पर कुछ साल पहले ईश्वर नगर विकसित हो गया। उस समय आईडीए ने कृष्णा गृह निर्माण संस्था से एक शपथ पत्र लिया था। इस शपथ पत्र में संस्था ने कहा था कि ईश्वर नगर के बस जाने के एवज में वह भविष्य में आईडीए से किसी तरह की अतिरिक्त जमीन या प्लॉट की मांग नहीं करेगी।अब आईडीए के वर्तमान सीईओ डॉ.परीक्षित झाड़े ने इस शपथ पत्र के बाद भी जमीन आवंटित कर दी।

स्कीम 114 में जमीन, 136 में आवंटन

सूत्र बताते हैं कि नियमों के जानकार झाड़े साहब ने एक और चमत्कार किया। कृष्णा गृह निर्माण संस्था की जमीन स्कीम 113 में थी, जबकि झाड़े साहब ने जमीन स्कीम 136 में दे दी। वह भी प्रीमियम प्लॉट। एक तो शपत्र होने के बाद भी जमीन आवंटित करना नियम विरुद्ध है। इसके बाद और नियम तोड़ते हुए दूसरी स्कीम में जमीन आवंटित कर दी गई।

लोकायुक्त में शिकायत के बाद खुल रही पोल

सूत्र बताते हैं कि इस मामले की शिकायत राजेन्द्र पांचाल द्वारा लोकायुक्त में की गई है। शिकायत में कथित तौर पर इन प्लॉट आवंटनों को नियमों के विपरीत बताया गया है। बताया जाता है कि लोकायुक्त की तरफ से आईडीए को इस संबंध में पत्र भी भेजा गया है।

आखिर किस आधार पर आवंटित कर दी जमीन

मामले में सबसे बडा सवाल स्कीम बदलकर प्लॉट दिए जाने को लेकर है। आम तौर पर जिस योजना में पात्रता या भूमि का मामला होता है, उसी योजना में उसका निराकरण होता है। ऐसे में स्कीम नंबर 113 से जुड़े मामले में स्कीम नंबर 136 में प्लॉट आवंटित करने का आधार क्या था? इसके लिए कौन-से नियम, प्रस्ताव या प्रशासनिक निर्णय लागू किए गए?

आवंटन का रास्ता किसने और कैसे खोला

एक सवाल और है कि अगर पहले शपथ पत्र लिया गया था कि संस्था भविष्य में आईडीए से जमीन या प्लॉट की मांग नहीं करेगी, तो बाद में आवंटन का रास्ता कैसे खुला? किस आधार पर किन नियमों के तहत शपथ पत्र होते हुए भी किसके निर्देश पर यह खेल हुआ है?

ऊपर से निर्देश की बात आई सामने

सूत्र बताते हैं कि इस मामले में आईडीए सीईओ द्वारा कहा जा रहा है कि जमीन देने का फैसला ऊपर से आए निर्देश के बाद हुआ है। आखिर वह कौन मंत्री, नेता या अधिकारी है जो ऊपर से ऐसे गलत काम के लिए निर्देश दे रहा है? किस अधिकारी ने फाइल पर मंजूरी दी? और क्या शपथ पत्र की शर्तों पर भी उस समय विचार किया गया था?

नितिन अग्रवाल के साथ किसने जमाया खेला

संस्था की तरफ से स्कीम 113 में नितिन अग्रवाल थे। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर अग्रवाल के साथ किसने मिलकर यह खेला जमाया है। सूत्र तो बताते हैं कि इस मामले में प्लॉटों के अलावा नकद राशि की भी डील हुई है।

सयाजी में बर्थ डे पार्टी रख दिए थे संकेत

आईडीए सीईओ ने पिछले दिनों सयाजी होटल में अपने बच्चे की बर्थ डे पार्टी रखी थी। इसमें आईडीए के नीचे से लेकर ऊपर तक के कर्मचारी और अफसरों के अलावा शहर के भूमाफिया, लाइजनर, दलाल भी मौजूद थे। सबको यह भी पता है कि इन दिनों सयाजी का संचालन कौन कर रहा है। अब कहा जा रहा है कि पार्टी के माध्यम से सीईओ साहब ने साफ संकेत दे दिए थे कि शहर में वे किसके साथ खड़े हैं।

सचमुच के डॉक्टर निकले सीईओ साहब

अब आईडीए में चर्चा है कि सीईओ साहब तो सचमुच के डॉक्टर निकले। आखिर नियमों की धज्जियां उड़ाकर उन्होंने यह डॉक्टरी कैसे कर दी? कहा तो यह भी जा रहा है कि आईडीए ही नहीं अन्य विभागों के अफसरों को भी सीईओ साहब से डॉक्टरी सीखनी चाहिए ।

संभागायुक्त करें जांच तो हो खुलासा

अब सबकी निगाहें संभागायुक्त और वतर्तमान में आईडीए अध्यक्ष भास्कर लक्षकार की तरफ है। संभागायुक्त ने पिछले दिनों आईडीई की बैठक भी ली थी और लापरवाही पर अफसरों व कर्मचारियों को फटकारा भी था। अगर संभागायुक्त इस मामले की गंभीरता से जांच कराए तो कई गड़बड़ियां उजागर हो सकती हैं।

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

BJP की राज्यसभा लिस्ट पर UP में बगावत की आहट, पूर्व केंद्रीय मंत्री पार्टी छोड़ने का संकेत

भाजपा की राज्यसभा लिस्ट पर उत्तर प्रदेश में बगावत की आहट सुनाई दे रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं।

सीईसी ज्ञानेश के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल, 6 अक्टूबर को दिल्ली में मार्च

सीईसी ज्ञानेश के खिलाफ विपक्ष ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में मार्च निकालने का ऐलान किया है। वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण और फॉर्म 6 के संशोधन का विरोध कर रहे हैं।

सागर गर्ल्‍स डिग्री कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर में 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री, 158 फेल

सागर गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर के परिणाम में 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री और 158 फेल घोषित किया गया। छात्राओं ने परिणाम पर सवाल उठाए।

आकाश आनंद की बसपा में वापसी, मायावती ने 2027 चुनाव तक रणनीति बनाई

आकाश आनंद की बसपा में वापसी से मायावती ने 2027 चुनाव तक रणनीति बनाई है। उन्हें फिर से राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया है।

जस्टिस सुनीता अग्रवाल, देवेंद्र उपाध्याय और अपरेश सिंह होंगे नए सुप्रीम कोर्ट जज

सुप्रीम कोर्ट में तीन नए जजों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी। जस्टिस सुनीता अग्रवाल, देवेंद्र उपाध्याय और अपरेश सिंह अब शीर्ष अदालत के सदस्य होंगे।

चंद्रपुर आश्रम स्कूल में बच्चों के खेलने पर 82 स्टूडेंट्स को आधा गंजा कराया

चंद्रपुर आश्रम स्कूल में बच्चों के आधा गंजा किए जाने का मामला सामने आया। 82 छात्रों को अनुशासन के नाम पर सजा दी गई।

देश के सबसे साफ शहर में गंदगी फैला रहा था Sheraton Hotel, नगर निगम ने किया 2.50 लाख का स्पॉट फाइन

इंदौर के Sheraton Hotel में गंदगी मिलने पर नगर निगम ने 2.50 लाख का जुर्माना लगाया। होटल ने कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन किया।

राजपाल यादव ने नहीं चुकाए 5 करोड़ रुपये, कोर्ट ने लगाई सख्त फटकार

राजपाल यादव ने नहीं चुकाए 5 करोड़ रुपये, सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में सख्त फटकार लगाई। अदालत ने भुगतान के लिए अंतिम मौका दिया है।

शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 472 अंक बढ़कर 72,382 पर बंद

शेयर बाजार में जोरदार उछाल के साथ सेंसेक्स 472 अंक बढ़ा। निफ्टी भी 133 अंक ऊपर बंद हुआ, बाजार में रिकवरी शुरू।

भोपाल में शिक्षकों की मांगों को लेकर राहुल गांधी ने CM मोहन यादव से की अपील

भोपाल में शिक्षकों की मांगों को लेकर राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से शिक्षक भर्ती पद बढ़ाने की अपील की है। पत्र में नोटिस वापस लेने की भी मांग शामिल है।