शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दिशा सालियान मामले में एकनाथ शिंदे और अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीबीआई की एफआईआर में आदित्य ठाकरे के नाम को राजनीतिक साजिश के तहत इस्तेमाल किया जा रहा है। संजय राउत के अनुसार, यह पूरा मामला ठाकरे परिवार की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से रचा गया है।
दिशा सालियान मामले में सीबीआई जांच और संजय राउत के आरोप
दिशा सालियान मामले में 2 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की जिसमें आदित्य ठाकरे समेत कई नाम शामिल हैं। संजय राउत ने इस एफआईआर को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस पहले ही दिशा सालियान की मौत की जांच कर चुकी है और आदित्य ठाकरे को क्लीन चिट दे चुकी है।
👉 यह भी पढ़ें:
राउत ने आरोप लगाया कि सीबीआई जांच का इस्तेमाल आदित्य ठाकरे को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और अमित शाह इसके पीछे हैं ताकि ठाकरे परिवार को बदनाम किया जा सके।
एकनाथ शिंदे की शिवसेना और चुनाव चिह्न विवाद का संदर्भ
संजय राउत ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के मुद्दे को भी जोड़ते हुए कहा कि तीर-कमान चुनाव चिह्न के मामले में सुप्रीम कोर्ट में विवाद चल रहा है। उन्होंने बताया कि इसी राजनीतिक माहौल में ठाकरे परिवार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
राउत का कहना है कि यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और इसका असर आम जनता पर भी पड़ेगा। उन्होंने संकेत दिया कि निष्पक्ष फैसला महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।
आदित्य ठाकरे का बयान और संदर्भ
इस मामले में आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा है कि वे दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और उन्हें नहीं जानते थे। उन्होंने अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है और कहा कि इस दुखद घटना से उनका नाम जोड़ना गलत है।
आदित्य ठाकरे की यह प्रतिक्रिया मामले की गंभीरता को दर्शाती है और स्पष्ट करती है कि वे राजनीतिक आरोपों से दूर रहना चाहते हैं।
सीबीआई की एफआईआर में शामिल अन्य नाम और जांच की दिशा
सीबीआई की एफआईआर में आदित्य ठाकरे के अलावा डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती, सूरज पंचोली, सचिन वाजे, परम बीर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का भी नाम शामिल है। इस एफआईआर में उनकी भूमिकाओं की जांच करने की बात कही गई है।
एफआईआर की 16 पन्नों में से केवल एक पन्ना मीडिया में लीक किया गया है, जिसे संजय राउत ने चुनिंदा और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। इससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
दिशा सालियान मौत की पृष्ठभूमि और मामले का प्रभाव
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में हुई थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। इसके कुछ दिन बाद ही अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत भी हुई, जिससे दोनों घटनाओं के बीच संबंध की अटकलें लगाई गईं।
इस मामले की जांच और राजनीतिक विवाद से आम जनता के बीच चिंता बढ़ी है। इससे महाराष्ट्र की सियासत में भी हलचल मची है और भविष्य में कई राजनीतिक बदलाव हो सकते हैं।
राजनीतिक साजिश के आरोप और महाराष्ट्र की सियासत पर असर
संजय राउत ने आरोप लगाया कि सीबीआई की जांच और एफआईआर राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जिसका मकसद ठाकरे परिवार को बदनाम करना है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी कई अन्य नेताओं के खिलाफ ऐसे अभियान चलाने का आरोप लगाया।
यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चुनौतियां लेकर आया है। इसके चलते आगामी दिनों में राजनीतिक समीकरणों में बदलाव संभव है, जो आम जनता के जीवन पर भी प्रभाव डाल सकता है।



