एशियाई खेल 2026 में भारत को सबसे ज्यादा पदक की उम्मीद पांच मुख्य खेलों से है। यह प्रतियोगिता जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होगी, जिसमें भारत 35 खेलों में 503 खिलाड़ियों के साथ भाग लेगा। इस बार भारत की तैयारी और दिग्गज कमेंटेटरों का समर्थन देश के लिए एक बड़ी उम्मीद जगाता है।
एशियाई खेल 2026 में सबसे ज्यादा पदक की उम्मीद एथलेटिक्स से
एथलेटिक्स भारत के लिए पारंपरिक रूप से मेडल का बड़ा स्रोत रहा है। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत ने इस खेल में 283 पदक जीते हैं, जिनमें 85 स्वर्ण पदक शामिल हैं। इस बार भी मुरली श्रीशंकर, गुलवीर सिंह और अविनाश साबले जैसे खिलाड़ी पदक दिलाने के लिए तैयार हैं। हालांकि नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति एक चुनौती है, फिर भी युवा खिलाड़ी देश का मान बढ़ाने को तैयार हैं।
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एथलेटिक्स में भारत की मजबूत पकड़ इस बार भी बरकरार रहने की संभावना है, जो एशियाई खेल 2026 में पदक की उम्मीद को और मजबूत करता है।
निशानेबाजी में भारत की पदक की मजबूत संभावनाएं
निशानेबाजी में भारत का प्रदर्शन पिछले कई वर्षों में शानदार रहा है। अब तक भारत ने इस खेल में 80 पदक जीते हैं, जिनमें 16 स्वर्ण पदक शामिल हैं। पिछली बार के एशियाई खेलों में भारत ने निशानेबाजी में 22 पदक जीते थे।
इस बार मनु भाकर, ईशा सिंह और ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर जैसी खिलाड़ी देश के लिए मेडल की मुख्य उम्मीद हैं। निशानेबाजी में भारत की यह ताकत एशियाई खेल 2026 में पदक की उम्मीद को और बढ़ाती है।
रेसलिंग में भारत की चुनौती और उम्मीदें
रेसलिंग भी भारत के लिए पदक की संभावनाओं वाला खेल है। एशियाई खेलों में भारत ने इस खेल में 65 पदक हासिल किए हैं, जिनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में रेसलिंग का न होना भारतीय पहलवानों के लिए इस बार एशियाई खेलों को खास बना देता है।
अमन सहरावत, अंतिम पंघाल और दीपक पूनिया जैसे पहलवान पदक जीतने की दौड़ में शामिल हैं। उनकी मेहनत और अनुभव भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत करता है।
बॉक्सिंग में भारत की नई उम्मीदें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। यह एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। इस खेल में भारत की टीम गोल्ड समेत कई पदक जीतने की क्षमता रखती है।
मुक्केबाजी में युवाओं की मौजूदगी और अनुभवी खिलाड़ियों का साथ भारत की पदक संभावनाओं को और ऊंचा कर रहा है। एशियाई खेल 2026 में मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।
कबड्डी में स्वर्ण पदक की मजबूत संभावना
कबड्डी में भारत का दबदबा पहले से ही स्थापित है। पुरुष और महिला दोनों टीमों पर संजय मांजरेकर का भरोसा है कि वे स्वर्ण पदक जीतेंगे। पिछले एशियाई खेलों में कबड्डी में भारत ने लगातार स्वर्ण पदक जीते हैं।
इस बार भी स्टार खिलाड़ी पवन सहरावत और टीम के अन्य सदस्य पदक की उम्मीदों को जीवित रखेंगे। कबड्डी में भारत की यह मजबूती एशियाई खेल 2026 में पदक की उम्मीदों को और बढ़ाती है।
भारत की तैयारी और दिग्गज कमेंटेटरों का समर्थन
एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय टीम की तैयारी पूरी जोश के साथ चल रही है। दिग्गज कमेंटेटर भारत की टीम के मनोबल को ऊंचा कर रहे हैं। यह समर्थन खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
इसके अलावा, भारतीय खिलाड़ियों को उनके रहनुमाओं और कोचों से भी प्रेरणा मिल रही है। यह सब मिलकर भारत की पदक की उम्मीदों को सशक्त कर रहा है।



