एनएमडीसी को पन्ना माइनिंग प्रोजेक्ट में 27.29 कैरेट का एक बहुमूल्य हीरा मिला है, जो कंपनी के इतिहास में पन्ना खदान से निकला दूसरा सबसे बड़ा हीरा है। यह खोज मध्य प्रदेश की पन्ना खदान की समृद्ध खनिज संपदा को फिर से उजागर करती है।
27.29 कैरेट का हीरा पन्ना खदान से कैसे मिला
यह 27.29 कैरेट का हीरा 15 सितंबर 2026 को मझगवां खदान से निकला। यह खदान एनएमडीसी के पन्ना माइनिंग प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो भारत का एकमात्र मशीनीकृत हीरा खनन केंद्र है। इस खदान से पहले सबसे बड़ा हीरा 2010 में 34.37 कैरेट का मिला था।
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इस नई खोज से पन्ना की धरती की अनमोल खनिज संपदा को और मजबूती मिली है, जो खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति के उपयोग का परिणाम भी है।
हीरे की गुणवत्ता और अनुमानित कीमत
इस 27.29 कैरेट के हीरे को जेम क्वालिटी का माना गया है। इसकी नीलामी कीमत 1 करोड़ से लेकर 2.5 करोड़ रुपये तक आंकी गई है। रंग, कैरेट वजन, साफ-सफाई और एस-आकार जैसी विशेषताएं इसकी कीमत निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
एनएमडीसी के अधिकारियों के अनुसार, इस हीरे की नीलामी प्रक्रिया पूरी होने पर इसकी कीमत में और वृद्धि संभव है, जो कंपनी के राजस्व को बढ़ाने में सहायक होगी।
पन्ना माइनिंग प्रोजेक्ट का महत्व
पन्ना माइनिंग प्रोजेक्ट न केवल हीरों के लिए, बल्कि लौह अयस्क और अन्य खनिजों के खनन के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 84,000 कैरेट है, जो देश में हीरों की घरेलू आपूर्ति में अहम योगदान देता है।
वित्त वर्ष 2027 के अगस्त तक इस प्रोजेक्ट ने लगभग 6,000 कैरेट हीरे का उत्पादन किया है, जिससे कंपनी के खनिज पोर्टफोलियो में विविधता आई है।
एनएमडीसी के चेयरमैन का बयान
एनएमडीसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ मुखर्जी ने कहा कि पन्ना खदान से 27.29 कैरेट का हीरा मिलना कंपनी के लिए गर्व की बात है। यह खोज टीम की मेहनत और भारत के खनिज संसाधनों की क्षमता का प्रदर्शन है।
उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी जिम्मेदारी से खनन के साथ-साथ अपने खनिज पोर्टफोलियो के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
पन्ना खदान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
एनएमडीसी ने 1965 में पन्ना जिले में हीरा खोज और खनन कार्य शुरू किया था। 1966-68 के बीच मझगवां खदान को कंपनी ने अपने नियंत्रण में लिया। 1971-72 में मशीनीकृत उत्पादन शुरू हुआ, जो आज भी जारी है।
इस खदान की निरंतर प्रगति और आधुनिक तकनीक की मदद से पन्ना हीरों के क्षेत्र में भारत की विश्वसनीय पहचान बनी हुई है।
भविष्य में पन्ना हीरा परियोजना की संभावनाएं
एनएमडीसी को पन्ना खदान में मिले इस बड़े जेम क्वालिटी हीरे से उम्मीदें बढ़ गई हैं। प्रदेश सरकार ने नीलामी के लिए संयुक्त प्रस्ताव दिया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बेहतर राजस्व सुनिश्चित होगा।
आधुनिक तकनीकों के उपयोग से सुरक्षित खनन के साथ ही भविष्य में और बड़ी खोजों की संभावना भी प्रबल होगी, जिससे स्थानीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।



