हरमनप्रीत सिंह की हैट्रिक से भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में मलेशिया को 4-2 से हराया। 1 नवंबर 2026 को जालंधर के ओलम्पियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मलेशिया को मात दी।
हरमनप्रीत सिंह की हैट्रिक ने भारत को बढ़त दिलाई
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मैच की शुरुआत से ही अपनी ताकत का परिचय दिया। उन्होंने 3, 33 और 58वें मिनट में तीन गोल दागकर हैट्रिक पूरी की। पहले दो गोल उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर से ड्रैग-फ्लिक के माध्यम से किए, जबकि तीसरा गोल पेनल्टी स्ट्रोक से आया। उनकी इस शानदार हैट्रिक ने भारत को मैच में दबदबा बनाए रखने में मदद की।
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हरमनप्रीत सिंह को उनके प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इस जीत में उनका योगदान निर्णायक रहा।

भारत का चौथा गोल सुखजीत सिंह ने किया
भारत की तरफ से चौथा और निर्णायक गोल फॉरवर्ड खिलाड़ी सुखजीत सिंह ने 43वें मिनट में किया। यह गोल एक क्वालिटी फील्ड गोल था, जिसने भारत की बढ़त को मजबूत कर दिया। इसके बाद मलेशिया की कोशिशों के बावजूद भारत अपना दबदबा बनाए रखने में सफल रहा।
मलेशिया के गोलस्कोरर और मुकाबले का हाल
मलेशिया की ओर से अखिमुल्लाह अनवर ने 25वें मिनट में गोल करके बराबरी की कोशिश की। वहीं, खेल के अंतिम मिनटों में शेलो सिल्वरियस ने एक और गोल दागा, लेकिन यह भारत की जीत को प्रभावित नहीं कर सका।
पहले हाफ के अंत तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं, लेकिन दूसरे हाफ में भारत ने बेहतर खेल दिखाया।

टीम इंडिया का लगातार चौथी जीत से टूर्नामेंट में दबदबा
इस जीत के साथ भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में लगातार चौथी जीत दर्ज की है। टीम अभी तक बिना कोई हार के टूर्नामेंट में अजेय बनी हुई है। भारत का यह प्रदर्शन आगामी सेमीफाइनल में भी टीम की उम्मीदों को बढ़ाएगा।
भारत का अगला मुकाबला दक्षिण कोरिया से होगा, जबकि मलेशिया का सामना जापान से होगा।
मैच की रणनीति और भारतीय टीम की मजबूती
भारत ने मैच की शुरुआत से आक्रामक खेल दिखाया। शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर पर हरमनप्रीत ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। मलेशिया ने अपनी रक्षा मजबूत की, लेकिन भारत के दबाव के आगे टिक नहीं पाया।
भारतीय डिफेंस ने भी मलेशिया के कई पेनल्टी कॉर्नर को सफल गोल में बदलने से रोका, जो टीम की मजबूती का संकेत है।
हॉकी प्रेमियों के लिए यह जीत मायने रखती है
भारत की यह जीत न केवल टूर्नामेंट में प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के हॉकी प्रेमियों के लिए भी उत्साहजनक है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की शानदार हैट्रिक ने टीम की क्षमता को साबित किया।
इस जीत से भारतीय हॉकी टीम की विश्वसनीयता बढ़ेगी और आगामी मुकाबलों में टीम को आत्मविश्वास मिलेगा।



