इंदौर। प्रॉपर्टी कारोबारी एंव बिल्डर बंटी उर्फ संदीप नागर की आत्महत्या मामले में हर दिन नई कहानी सामने आ रही है। ऐसी कहानियों से पुलिस भी परेशान है, जबकि अब तक परिजनों के बयान ही नहीं हुए हैं। परिजनों के बयान के बाद ही पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी, लेकिन इस मौके फायदा उठाने वाले लोग हर दिन नई कहानियां गढ़ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि रविवार को बंटी नागर ने साकेत के अपने ऑफिस में साड़ी से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। इस मामले में पुलिस ने दो डीवीआर और बिल्डर का मोबाइल जब्त किया था। इस मामले में मीडिया में कई लोगों के नाम सामने आए थे। पहले दो महिला पार्टनरों की कहानी चली, फिर कुछ और बिल्डरों के नाम आए। फिर करोड़ों रुपए के लेन-देन की बात भी सामने आई।
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परिजनों के अभी तक नहीं हुए बयान
इधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह बात जरूर सामने आई है कि बंटी नागर पिछले कुछ समय से परेशान चल रहे थे। इस बारे में उनके परिजन ही ठीक से बता सकते हैं। परिजनों के बयान के बाद ही जांच की दिशा आगे बढ़ेगी। अब तक परिजन दो बार वकील के माध्यम से आए हैं, लेकिन उनका विधिवत बयान दर्ज नहीं हो सका है।
हर दिन आ रही है नई कहानी
इस मामले में हर दिन मीडिया में नई कहानी सामने आ रही है। पहले मीडिया में दो महिला पार्टनरों की कहानी चलाई गई। कहा गया कि उनसे पूछताछ भी हुई है। इसके साथ ही कुछ बिल्डरों से पूछताछ की बात भी सामने आई। इसके बाद हर दिन किसी न किसो नए बिल्डर की कहानी सामने आई। कई लोग बड़े लेनदेन की बात भी कह रहे हैं।
डायरी वाले जरूर चिन्ता में
बताया जाता है कि बंटी के ऑफिस से कुछ डायरियां भी मिली हैं। इनमें करोड़ों रुपए के लेनदेन का हिसाब लिखा है। ऐसे लोग चिन्तित हैं। यह भी पता चला है कि बंटी की मौत के बाद ऐसे कई लोग घर पर पैसे मांगने पहुंच भी चुके हैं।
जेल रिटर्न भूमाफिया भी सक्रिय
खास बात यह कि बंटी नागर की मौत के बाद कुछ ऐसे बिल्डर और भूमाफिया भी सक्रिय हो गए हैं, जिन्हें मोटी रकम देनी है। सूत्र बताते हैं कि इनमें एक जेल रिटर्न भूमाफिया भी शामिल है, जिसे डेढ़ करोड़ रुपए बंटी नागर को देने हैं। वह भी तरह-तरह की कहानी चला रहा है।
पुलिस के नाम से दलाल सक्रिय
ऐसे भूमाफिया और बिल्डर पुलिस को भी भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी सोच है कि मीडिया में नई-नई कहानी लाकर वे बचे रहे हैं। कुछ ऐसे दलाल भी सक्रिय हो गए हैं, जो हर दिन बिल्डरों को डरा-डरा कर पुलिस से बचाने के लिए पैसे वसूलने लगे हैं। पुलिस ऐसे लोगों की तलाश में जुट गई है।
पुलिस कमिश्नर खुद देख रहे मामला
खास बात यह कि पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह इस मामले पर पूरी तरह निगाह रखे हुए हैं। उन्हें भी पता है कि फर्जी कहानियां कौन चला रहा है। आने वाले दिनों में ऐसे कुछ लाइजनर, बिल्डर और भूमाफिया पुलिस के हत्थे चढ़ सकते हैं।
अहिल्या पथ का मामला भी आया सामने
सूत्र बताते हैं कि बंटी नागर पिछले कुछ समय से परेशान थे। इसके कई कारण बताए जा रहे हैं, जिसमें अहिल्या पथ स्कीम भी शामिल है। हालांकि इन सबका खुलासा परिजनों के बयान के बाद भी हो पाएगा।
वकीलों के साथ थाने पहुंचे थे परिजन
बताया जाता है कि पुलिस ने बंटी के भाई राजेश नागर, पत्नी अपर्णा बेटा ऋषित को बुलाया था। वे वकीलों के साथ थाने पहुंचे थे। जहां उन्होंने कहा था कि सभी तथ्यों सभी दस्तावेज के साथ दो दिन में आकर बयान देंगे। उन्होंने कहा था कि वे प्रोजेक्ट से लेकर हर डिटेल देंगे। उन्होंने कहा था कि अभी परिवार शोकाकुल है, इसके कारण वे डिटेल नहीं निकाल पा रहे हैं।
अधिकांश नेताओं से अच्छे संबंध
बंटी नागर के शहर के अधिकांश नेताओं से अच्छे संबंध थे। बताया जाता है कि कुछ से व्यावसायिक संबंध में भी रहे हैं। अब इन नेताओं को भी इस बात की चिन्ता होने लगी है कि आखिर हुआ क्या है? कुछ तो इस बात से भी चिन्तित हैं कि कहीं जांच-पड़ताल में उनका नाम भी न आ जाए?



