इंदौर। इंदौर के प्रॉपर्टी कारोबारी और बिल्डर संदीप उर्फ बंटी नागर की आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस अभी जुटी हुई है। परिजनों, स्टाफ तथा पार्टनर से पूछताछ में आर्थिक रूप से परेशान होने की बात सामने आ रही है। अब पुलिस इन बयानों के आधार पर कॉल डिटेल और दस्तावेज आदि खंगाल कर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
👉 यह भी पढ़ें:
- बंटी नागर सुसाइड केस : मौके का फायदा उठाने वाले चला रहे फर्जी कहानी, परिजनों के बयान के बाद ही होगा कोई खुलासा
- प्रॉपर्टी कारोबारी बंटी नागर की खुदकुशी मामले में हर एंगल से हो रही जांच, दो महिलाओं से भी हुई पूछताछ!
- आखिर कहां गया 300 किलो जिलेटिन, बड़े नेताओं के दौरे के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल?
- आप विधायक जारवाल सुसाइड केस में दोषी करार
देनदारी से ज्यादा थी लेनदारी
बंटी नागर के कई प्रोजेक्ट्स चल रहे थे, जिसमें करोड़ों रुपए के लेनदेन का मामला सामने आ रहा है। अब तक बंटी नागर से जिनको पैसे लेने हैं, उनमें से कुछ नाम तो सामने आ रहे हैं, लेकिन जिन्हें पैसे देने थे ऐसे लोगों की जानकारी नहीं मिल रही है। सूत्र बताते हैं कि कई ऐसे बिल्डर और पार्टनर हैं, जिनसे बंटी नागर को मोटे पैसे लेने थे, लेकिन मिल नहीं रहे थे।
जेल रिटर्न भूमाफिया का भी नाम
सूत्र बताते हैं कि जिन लोगों से बंटी नागर को पैसे लेने हैं, वे सब के सब बड़े रसूख वाले लोग हैं। इनमें एक जेल रिटर्न कुख्यात भूमाफिया भी शामिल है। बताया जाता है कि काफी कोशिशों के बाद भी बंटी नागर इनसे पैसे वसूल पाए और न ही इनके खिलाफ कुछ कर पा रहे थे।
ऐसे लोगों की जांच हो तो सुलझेगा मामला
सूत्र बताते हैं कि अगर ऐसे लोगों की जांच हो तो मामले का खुलासा हो सकता है। लेकिन, यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे लोगों तक पुलिस पहुंचेगी कैसे? लोगों का यह भी मानना है कि ये सारे नाम ऐसे हैं, जो पुलिस की गिरफ्त में शायद ही आएं?
कमिश्नर रुचि नहीं लेते तो रफादफा हो जाता मामला
बंटी नागर केस में पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह स्वयं रुचि ले रहे हैं। यही कारण है कि पुलिस एक-एक पहलू की बारीकी से जांच कर रही है, अन्यथा बंटी की आत्महत्या के बाद कई लाइजनर, भूमाफिया भी सक्रिय हो गए थे। वे पुलिस की जांच की दिशा भटकाने की कोशिश भी कर रहे थे।
चैटिंग, फुटेज और कॉल डिटेल की जांच
पलासिया पुलिस इस मामले में कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनसे सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और चैटिंग सामने रखकर उनसे पूछताछ की गई है। इस दौरान भी ब्रोकर, कॉलोनाइजर और फायनेंसर के नाम सामने आए।
भाई ने पुलिस को सौंपे कई लोगों के नाम
बंटी के भाई राकेश ने पुलिस को करीब 20 लोगों के नाम सौंपे हैं। उनका कहना है कि ये वे लोग हैं, जिनसे बंटी लगातार संपर्क में थे। बंटी ने काफी लोगों से रुपया ब्याज पर लेकर रियल एस्टेट के 7 प्रोजेक्ट में लगाया है।
अफसरों के रुपए भी चलाता था बंटी
सूत्रों के अनुसार बंटी पुलिस अफसरों का रुपया भी चलाता था। एक डीएसपी के 60 लाख से ज्यादा रुपये डूबे हैं। इसकी पुष्टि बंटी की कॉल डिटेल और चैटिंग से हुई है। अफसर ने बंटी से मुरादपुरा में डायरी पर खरीदी की थी। सूत्र बताते हैं कि पुलिस के अलावा बंटी कई नेताओं और अफसरों के पैसे भी प्रॉपर्टी में लगाता था।



