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प्रयागराज। प्रयागराज में विशेष पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद और दो अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच कराने का आदेश दिया है। विशेष पॉक्सो जज विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी को यह निर्देश दिया। अर्जी जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य अशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दायर की गई थी।
कोर्ट के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा उनके खिलाफ दायर किया मुकदमा पूरी तरह से फर्जी है और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। कोर्ट के इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे सच जल्द सामने आ सके। उन्होंने कहा कि सनातन के ऊपर आरोप लगा कौन रहा है।
आरोप लगाने वाला रामभद्राचार्य का शिष्य
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि लोगों पर फर्जी मुकदमे लगाकर उगाही करना ही उसका काम है, फिर वह रामभद्राचार्य का शिष्य बन जाता है। आप देखिए आरोप कहां से आ रहा है। हमको अपनी न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है और अपनी सच्चाई पर भरोसा है।
बटुकों के साथ यौन शोषण का है आरोप
उल्लेखनीय है कि प्रयागराज की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बटुकों के साथ यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए झूंसी पुलिस थाने के प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का शनिवार को आदेश दिया। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य द्वारा बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत दाखिल आवेदन पर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने पिछले सप्ताह साक्ष्यों को देखने और पीड़ित बटुकों का बयान दर्ज करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।



