यह एक समुदाय नहीं, भारत की साझा संस्कृति पर हमला है” — क्रिसमस पर हिंसा को लेकर शशि थरूर की कड़ी चेतावनी

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यह एक समुदाय नहीं, भारत की साझा संस्कृति पर हमला है” — क्रिसमस पर हिंसा को लेकर शशि थरूर की कड़ी चेतावनी

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने क्रिसमस के मौके पर देश के विभिन्न हिस्सों में ईसाई समुदाय पर हुई हिंसा की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह हमले सिर्फ किसी एक समुदाय पर नहीं, बल्कि भारत की साझा संस्कृति और धर्मनिरपेक्ष परंपरा पर सीधा हमला हैं।

Shashi Tharoor | TV9 Bharatvarsh

गुरुवार को क्रिसमस के अवसर पर देशभर से ईसाई समुदाय पर हमलों की कई घटनाएं सामने आईं। इनमें केरल में प्रार्थना के दौरान झड़प, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की घटनाएं भी शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में शशि थरूर ने लिखा कि केरल में भले ही त्योहार का माहौल बना रहा, लेकिन क्रिसमस 2025 डर और चिंता के साए में मनाया गया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति खास स्थानीय घटनाओं और देशभर में बढ़ती असहिष्णुता के कारण पैदा हुई है।

थरूर ने पलक्कड़ के पुडुस्सेरी में एक क्रिसमस कैरल समूह पर कथित तौर पर एक भाजपा कार्यकर्ता द्वारा किए गए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि हमलावरों ने प्रार्थना में शामिल लोगों के साथ मारपीट की और संगीत वाद्ययंत्र तोड़ दिए। उन्होंने इसे राज्य की धर्मनिरपेक्ष परंपरा पर हमला बताया।

उन्होंने कहा कि केरल में चिंता तब और बढ़ गई जब अन्य राज्यों से भी ऐसी खबरें सामने आईं—

  • रायपुर (छत्तीसगढ़) के एक मॉल में सांता क्लॉज की मूर्ति तोड़ी गई
  • जबलपुर में एक अंधी ईसाई लड़की पर हमला हुआ
  • उत्तर प्रदेश में एक चर्च में प्रार्थना में बाधा डालने की कोशिश की गई

शशि थरूर ने क्रिसमस की आधी रात की प्रार्थना सभा के दौरान ईसाई पादरियों की टिप्पणियों पर भी दुख जताया। उन्होंने लिखा कि आर्कबिशप नेट्यो ने कहा है कि भारत में ईसाई समुदाय डर और चिंता के माहौल में क्रिसमस मना रहा है और चेतावनी दी कि मणिपुर और उत्तर भारत की हिंसा अब केरल के दरवाजे तक पहुंचती दिख रही है।

थरूर ने कार्डिनल क्लीमिस के बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने हिंसा के मामलों में प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपने धर्म का पालन करने का संवैधानिक अधिकार इतनी खुलेआम चुनौती के घेरे में क्यों है।

कांग्रेस सांसद ने सरकार से चुप्पी तोड़ने की अपील करते हुए लिखा,
“नागरिकों की सुरक्षा कोई एहसान नहीं, बल्कि सरकार का कर्तव्य है। ‘नया भारत’ ऐसा नहीं होना चाहिए जहां लोग प्रार्थना करते समय डर में रहें।”

अंत में शशि थरूर ने समाज में एकता और सह-अस्तित्व पर जोर देते हुए कहा,
“सह-अस्तित्व निष्क्रिय स्थिति नहीं है, बल्कि अपने पड़ोसी की शांति की रक्षा करने का सक्रिय चुनाव है। जब किसी केरल समूह पर हमला होता है, तो यह सिर्फ ईसाइयों का मुद्दा नहीं, बल्कि हम सब और केरल की साझा संस्कृति पर हमला है। अगर बहुसंख्यक समुदाय अत्याचारों का मूक दर्शक बना रहेगा, तो शांति कायम नहीं रह सकती।”

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

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