प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को पंजाब में कई स्थानों पर बड़ा तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई राज्य पुलिस के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनसे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की जा रही है।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें चंडीगढ़ में 2, लुधियाना में 5, पटियाला में 2, नाभा में 1 और जालंधर में 1 स्थान शामिल हैं। यह तलाशी आरोपियों, उनके करीबी सहयोगियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़े परिसरों पर की जा रही है।
👉 यह भी पढ़ें:
- इंदौर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी के यहां लोकायुक्त का छापा, आय से 1.73 करोड़ अधिक मिली संपत्ति
- मनोरंजन की दुनिया में आज बड़ा डिजिटल मोड़: ‘House of the Dragon’ Season 3 का फिनाले, OTT दर्शकों की नजर
- RBI की ब्याज दर पर नजर, महंगाई और ग्रोथ के बीच बड़ी चुनौती
- पेपर लीक पर सरकार का बड़ा कदम, कानून और सख्त करने की तैयारी
- इंदौर नगर निगम के 103.42 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले में ईडी ने पेश किया 20 हजार पन्नों का चालान, ठेकेदार समेत 32 आरोपी
- बिजली कंपनी इंजीनियर के यहां लोकायुक्त का छापा, आय से 258% ज्यादा प्रॉपर्टी, बेटे, बहू, दामाद के नाम करोड़ों की फैक्ट्री
अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ठोस सबूत जुटाना है। यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की चंडीगढ़ इकाई द्वारा दर्ज मूल आपराधिक मामलों के आधार पर की जा रही है।
इन मामलों में आरोप है कि एक आपराधिक केस को सुलझाने के लिए बिचौलिए के जरिए अवैध रिश्वत मांगी गई थी, साथ ही आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के संकेत भी मिले हैं।
गौरतलब है कि हरचरण सिंह भुल्लर पंजाब पुलिस में रोपड़ रेंज के डीआईजी पद पर तैनात थे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने उन्हें अक्टूबर 2025 में एक कबाड़ कारोबारी से रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था।



