गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुवाहाटी में असम के चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टा वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि चाय बागान में काम करनेवाले श्रमिकों की चाय की पत्ती से बनी चाय बेच–बेचकर ही वह प्रधानमंत्री बने हैं। इसलिए कर्ज उतारने आए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि उसी चाय की पत्ती से बनी चाय बेच–बेचकर वह प्रधानमंत्री के पद तक पहुंच गए। अब आप बताइए कि अगर टी गार्डनवालों की चाय नहीं होती तो मैं यहां पहुंचता क्या? ये टी गार्डनवालों की टी मेरे यहां पहुंची और मैं आज यहां आप तक पहुंचा। मां कामाख्या की ऐसी कृपा है कि आज मुझे अपने टी गार्डन के श्रमिक भाइयों का कर्ज उतारने का मौका मां कामाख्या ने मुझे दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि राज्य भर के लगभग 3.5 लाख चाय बागान परिवारों को भूमि का लाभ मिलेगा। ये श्रमिक ब्रिटिश काल से ही ‘लेबर लाइन‘ में रहते आए हैं लेकिन उनके पास कभी स्थायी भूमि अधिकार नहीं था।
👉 यह भी पढ़ें:
- BRICS शिखर सम्मेलन 2026: PM मोदी की 15 द्विपक्षीय बैठकें और 10 बड़े फैसले
- BRICS के 20 साल: पीएम मोदी ने बताया कैसे 4 देशों से बढ़ा 21 देशों का परिवार
- PM मोदी का बड़ा सवाल: क्या अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए ‘फोर्थ-पार्टी ऑडिट’ की जरूरत?
- 80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी का संदेश: शहीदों को नमन, विकसित भारत का संकल्प
- राहुल गांधी की विदेश नीति वाली टिप्पणी पर घमासान: राजनाथ सिंह के बयान से गरमाई सियासत
- राहुल गांधी की ‘हग डिप्लोमेसी’ वाली नकल पर सियासी घमासान, मेलोनी के जिक्र से बढ़ा विवाद
कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना
असम के सिलचर में पीएम मोदी ने शनिवार को 24 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने शिलॉन्ग–सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन किया। उन्होंने कहा कि आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने उत्तर पूर्व को दिल्ली और दिल, दोनों से दूर रखा। कांग्रेस ने उत्तर पूर्व को एक तरह से भुला दिया। भाजपा एनडीए की डबल इंजन सरकार ने उत्तर पूर्व को कनेक्ट किया है।



