कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के बर्धमान में 16 फरवरी को आयोजित संघ प्रमुख मोहन भागवत की सभा की अनुमति दे दी है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने अनुमति देने से मना कर दिया था। इसके बाद संघ ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की जज ने बंगाल सरकार की आपत्ति को खारिज करते हुए संघ की सभा को सशर्त अनुमति दी है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि रैली शांतिपूर्ण तरीके से निकाली जाए और आवाज कम रखी जाए। बंगाल पुलिस ने यह कहते हुए इजाजत देने से मना कर दिया था कि इस समय बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आयोजित 10वीं की परीक्षा चल रही है और इसलिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। जज ने कहा कि आरएसएस की रैली रविवार को होनी है और कार्यक्रम सिर्फ 1 घंटा 15 मिनट का होगा, इसलिए कोर्ट को नहीं लगता है कि इससे किसी को असुविधा होगी। यहां रैली के बाद मोहन भागवत क्षेत्रीय आरएसएस नेताओं, स्थानीय कार्यकर्ताओं और बर्धमान और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख लोगों से भी मिलेंगे।
👉 यह भी पढ़ें:
- उत्तर 24 परगना में अमोनिया गैस लीक: बर्फ कारखाने से 25 ग्रामीण बीमार, सड़क पर उतरे लोग
- कोलकाता होटल में भीषण आग: 9 लोगों की मौत, 6 घायल; बंगाल में लगातार दूसरे बड़े अग्निकांड से सुरक्षा पर सवाल
- तारापीठ होटल अग्निकांड: सोते यात्रियों पर टूटा कहर, 7 की मौत, कई गंभीर
- TMC नेता आशीष बनर्जी की मौत: रामपुरहाट में आवास के पास पार्टी कार्यालय से मिला शव, जांच जारी
- West Bengal में ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, लोगों ने गाड़ी पर पानी, पत्थर और जूते फेंके
- West Bengal: कोयल मल्लिक के इस्तीफे पर भड़कीं ममता बनर्जी, कहा-जिसे जहां जाना है 21 जुलाई से पहले चला जाए
इन बैठकों में संगठनात्मक विकास, सामुदायिक आउटरीच, आरएसएस नेतृत्व और स्थानीय हितधारकों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है। उनकी यात्रा देशभक्ति, आत्मनिर्भरता, पारिवारिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और परिवार–उन्मुख प्रथाओं के माध्यम से समाजीकरण जैसे मूल्यों को स्थापित करने पर केंद्रित होगी। संघ के महासचिव जिष्णु बसु ने बताया कि मोहन भागवत की इस यात्रा का उद्देश्य हिंदू समुदाय के अंदर राष्ट्रवाद की भावना को बढ़ावा देना, स्वदेशी चेतना को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है, जो एक प्रमुख राष्ट्रीय लक्ष्य है।



