इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल के पावर बैंक पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध भारत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों दोनों पर लागू होगा।
दिल्ली-चेन्नई उड़ान में पावर बैंक में आग लगने की घटना
11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 6115 में एक यात्री के पावर बैंक में अचानक आग लग गई। विमान के ओवरहेड बिन्स में रखा यह डिवाइस धुआं निकालने लगा। इस स्थिति को देखते हुए पायलट ने विमान को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर डायवर्ट कर दिया।
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क्रू मेंबर्स ने तत्परता दिखाते हुए आग पर नियंत्रण पाया और विमान में सवार सभी 191 यात्रियों को सुरक्षित रूट पर उतारा गया। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन यह विमान सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला था।

DGCA ने MOBIKINS MK-PB-04 पावर बैंक पर प्रतिबंध लगाया
इस घटना के बाद DGCA के प्रमुख वीर विक्रम यादव ने आदेश जारी कर MOBIKINS MK-PB-04 मॉडल के पावर बैंक को सभी घरेलू और भारत से जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में प्रतिबंधित कर दिया। अब इस पावर बैंक को न तो केबिन बैगेज में और न ही चेक-इन बैगेज या कार्गो के माध्यम से विमान में ले जाया जा सकता है।
DGCA ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सिर्फ इस विशिष्ट मॉडल पर है, सभी पावर बैंकों पर नहीं। एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को इस प्रतिबंध की जानकारी बोर्डिंग से पहले दें और इस डिवाइस को विमान में ले जाने से रोकें।
पावर बैंक में आग लगने की वजह और खतरे
पावर बैंक में आमतौर पर लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर बैटरी होती है, जो खराबी, ओवरहीटिंग या शॉर्ट सर्किट की स्थिति में आग पकड़ सकती है। उड़ान के दौरान ऐसी घटना यात्रियों और विमान दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
विशेष रूप से केबिन बैगेज को चेक-इन बैगेज में बदलने पर आग का पता लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न होता है। इसलिए DGCA ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है।

यात्रियों के लिए नए नियम और सावधानियां
अब यात्रियों को अपने बैग में MOBIKINS MK-PB-04 पावर बैंक रखना पूरी तरह मना है। इसके अलावा, विमान में पावर बैंक चार्ज करना भी निषिद्ध है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल मान्यता प्राप्त और सुरक्षित पावर बैंक ही ले जाएं।
एयरलाइंस इस नए नियम के तहत यात्रियों से सहयोग की उम्मीद करती हैं ताकि हवाई यात्रा सुरक्षित बनी रहे। यात्रियों को बेहतर होगा कि वे पावर बैंक खरीदते समय DGCA के मानकों की जांच करें।
भारत में विमानन सुरक्षा पर प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
यह प्रतिबंध विमानन सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत में पावर बैंक से संबंधित दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए DGCA और एयरलाइंस मिलकर काम कर रही हैं।
आगे चलकर संभव है कि अन्य पावर बैंक मॉडल की भी सुरक्षा जांच की जाए और आवश्यकतानुसार नियमों में बदलाव किया जाए। यह कदम यात्रियों और विमान दोनों के हित में है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पावर बैंक ले जाने के नियम
कई देशों ने विमान में पावर बैंक और लिथियम बैटरी डिवाइस के लिए सख्त नियम बनाए हैं। भारत का यह कदम भी वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि विमानन सुरक्षा में तकनीकी उपकरणों से जुड़े खतरों को गंभीरता से लिया जा रहा है। यात्रियों को भी इस दिशा में जागरूक रहने की जरूरत है।



