शारजाह से कोझिकोड जा रही Air Arabia Flight G9 454 में शनिवार तड़के तकनीकी खराबी का पता चलते ही हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर विमान को तुरंत कोझिकोड के बजाय कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया, जहां इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू करते हुए उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL) के अधिकारियों के अनुसार, विमान के इंजन रिवर्स थ्रस्ट सिस्टम में तकनीकी समस्या सामने आई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पहले ‘लोकल स्टैंडबाय’ घोषित किया गया और कुछ ही मिनट बाद ‘फुल इमरजेंसी’ लागू कर दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी बचाव और सुरक्षा टीमें पूरी तरह तैयार रहें।
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सभी की निगाहें उस वक्त विमान पर टिकी थीं, जब वह कोचीन एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था। राहत की बात यह रही कि फ्लाइट ने सुबह 3:38 बजे सुरक्षित लैंडिंग की और उसे निर्धारित पार्किंग बे तक पहुंचा दिया गया। सभी जरूरी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद सुबह 3:45 बजे इमरजेंसी वापस ले ली गई।
अधिकारियों के मुताबिक, विमान में 170 यात्री, 9 शिशु और क्रू मेंबर सवार थे। सौभाग्य से सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। एयरपोर्ट के नियमित संचालन पर भी इस घटना का कोई असर नहीं पड़ा।
तकनीकी खराबी को दूर करने के बाद विमान को फिर से उड़ान के लिए तैयार किया गया और सुबह 7:15 बजे यह कोझिकोड के लिए रवाना हो गया।
हाल के दिनों में विमानन सुरक्षा को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच यह घटना एक बार फिर तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों की अहमियत को सामने लाती है। हालांकि इस मामले में एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने संभावित जोखिम को टाल दिया।
अब सवाल यह है—क्या लगातार सामने आ रही तकनीकी खराबियों की घटनाएं विमानन सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर रही हैं? क्या एयरलाइंस को सुरक्षा जांच और अधिक सख्त करनी चाहिए?
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