इंदौर। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आज इंदौर विकास प्राधिकरण में शहर के विकास कार्यों को लेकर बैठक बुलाई थी। विडंबना यह रही कि इस बैठक से आईडीए अध्यक्ष और संभागायुक्त डॉ.सुदाम खाड़े ही गायब रहे। इतना ही नहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी बैठक से दूरी बना ली। इसके बाद मंत्री विजयवर्गीय अधिकारियों को अपनी ही भाषा में समझाते रहे, जो अधिकारी समझने की कोशिश ही नहीं करते।
बैठक के बाद मंत्रीजी ने बताया कि तीन महत्वपूर्ण विकास के कामों को लेकर बैठक बुलाई थी। इसमें बड़ा गणपति पर बनने वाला ब्रिज शामिल है। इसका काम समय सीमा में सिंहस्थ के पहले करना है। इसके अलावा चंदन नगर रोड इसके बारे में भी हम चाहते हैं कि बरसात के पहले निर्माण चालू हो जाए। इसके साथ ही चंदन नगर का धार रोड पर बनने वाले ब्रिज को लेकर चर्चा हुई। मंत्रीजी ने कहा कि वे हर महीने इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
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मीडिया से कहा-अपनी भाषा में समझाना है
बैठक में मीडिया के कई साथी भी मौजूद थे। इस दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि अब अगर आप लोगों का हो गया हो तो बाहर जाइए, मुझे अधिकारियों को अपनी भाषा में समझाना है। अब पता नहीं मंत्रीजी कौन सी भाषा बोलते हैं, जो अधिकारियों को समझ ही नहीं आता।
होर्डिंग पर गरम हुए मंत्रीजी
मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्रीजी ने अवैध होर्डिंग की बात कही। उन्होंने कहा कि महापौर परिषद के सदस्य राजेन्द्र राठौर के अलावा भी कई लोगों ने शिकायत की है। मैं इसकी जांच कराऊंगा और अगर कोई अनियमितता मिली तो सख्त कार्रवाई करूंगा। पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में मंत्रीजी ने कहा कि बरसात आएगी, सड़क खराब होगी और उसकी मरम्मत होगी।
भाव नहीं दे रहे इंदौर के अफसर
विडंबना यह है कि मंत्रीजी बैठक तो बुला लेते हैं, लेकिन इंदौर के अफसर उनको भाव नहीं दे रहे। मंत्रीजी, सीएम से कई बार यह कह भी चुके हैं कि अफसर सुनते नहीं। इससे पहले की बैठकों में भी अफसर गायब रहे और आज तो इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष खाड़े और कलेक्टर शिवम वर्मा ने ही बैठक से दूरी बना ली।



