दवाएं अब केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही बेची जाएंगी। इस नियम का पालन न करने पर दवा विक्रेताओं को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
पंजीकृत चिकित्सक का पर्चा अनिवार्य
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली के तहत शेड्यूल H, H1 और X श्रेणियों में आने वाली दवाएं अब केवल पंजीकृत डॉक्टर के वैध पर्चे पर ही बेची जाएंगी। यह नियम दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक है। डॉक्टर के पर्चे के माध्यम से ही यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि मरीज को सही मात्रा में दवा मिल रही है। इसके साथ ही, डॉक्टर की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे सही मरीज को सही दवा लिखें।
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शेड्यूल H1 दवाओं का रिकॉर्ड
शेड्यूल H1 की दवाओं की बिक्री के लिए एक अलग रजिस्टर में रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। इसमें मरीज का नाम, पर्चा लिखने वाले डॉक्टर का नाम, दवा का नाम और मात्रा दर्ज की जाएंगी। यह प्रक्रिया पारदर्शिता बनाए रखने में मदद करती है और दवाओं के अनुचित प्रयोग को रोकती है। इससे यह भी सुनिश्चित होता है कि अगर कोई जांच की आवश्यकता हो तो सभी जानकारी उपलब्ध हो।
तीन वर्ष तक रिकॉर्ड का संरक्षण
दवा विक्रेताओं को इन रिकॉर्ड्स को तीन वर्ष तक सुरक्षित रखना होगा। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा मांगे जाने पर इन्हें प्रस्तुत करना आवश्यक है। यह नियम इस बात की पुष्टि करता है कि दवाओं की बिक्री और वितरण में कोई अनियमितता नहीं हो रही है। इसके अलावा, यह विक्रेताओं को भी जिम्मेदार बनाता है कि वे कानूनी ढांचे के भीतर काम करें।

दवाइयों की पैकेजिंग पर चेतावनी
शेड्यूल H1 दवाओं की पैकेजिंग पर चेतावनी लेबल लगाना अनिवार्य है। पैकेजिंग के ऊपरी बाएं कोने पर Rx का प्रतीक और “बिना पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के खुदरा बिक्री प्रतिबंधित” लिखा होना चाहिए। यह चेतावनी उपभोक्ताओं को अवगत कराती है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का उपयोग न करें। यह कदम दवाओं के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देता है।
उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्तीकरण
ड्रग कंट्रोल विभाग द्वारा बिना पर्चे या रिकॉर्ड के दवाएं बेचने पर लाइसेंस निलंबन और निरस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं। विक्रेताओं को नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यह सख्ती इस बात की गारंटी देती है कि दवाओं की बिक्री में अनुशासन बना रहे। यदि कोई विक्रेता इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उन्हें गंभीर परिणाम का सामना करना पड़ सकता है।
नशीली दवाओं पर विशेष सख्ती
स्थानीय प्रशासन ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए पर्चे की छायाप्रति रखना और स्टॉक का ब्योरा देना अनिवार्य किया है। इससे नशे के रूप में इनका दुरुपयोग रोका जा सकेगा। यह कदम समाज में स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करता है कि नशीली दवाओं का प्रयोग केवल उचित चिकित्सा देखरेख में हो।



