इंदौर। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर पिछले दिनों फूड विभाग की टीम ने सयाजी होटल की जांच की थी। इस दौरान भारी पैमाने पर गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद किचन सील कर दिया गया था। खाद्य विभाग की टीम ने यहां से खाद्य पदार्थों के 10 नमूने लिए थे, जिनमें से 8 की रिपोर्ट आज यानी 2 सितंबर को आ गई है। इनमें से 5 नमूने फेल हो गए।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि पिछले दिनों सयाजी के साथ ही कुछ अन्य स्थानों से भी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। इनकी रिपोर्ट आ गई है। सयाजी से लिए गए 10 नमूनों में से 8 की रिपोर्ट आई है। इनमें से 5 नमूने फेल निकले। जो नमूने फेल हुए हैं उनमें पनीर, पिस्ता, खोपरा पाउडर और मूंगफली के नमूने फेल हुए हैं।
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16 घी के नमूने भी फेल हो गए
मनीष स्वामी ने बताया कि पिछले दिनों टुक्कू इंटरप्राइजेस और कृष इंटरप्राइजेस से घी के नमूने लिए गए थे, जिनमें से 16 नमूने फेल हो गए हैं। इसके साथ ही कई डेयरी से दही और पनीर के नमूने लिए गए थे, जांच में वे भी फेल हो गए।
सीएम द्वारा प्रतिबंधित पनीर मिला
बताया जाता है कि सयाजी होटल से जो नमूने फेल हुए हैं, उनमें पनीर के दो नमूने शामिल हैं। यह पनीर एनालॉग पनीर है, जिस पर सीएम डॉ.मोहन यादव ने पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगा दिया है। खोपड़ा पाउडर में स्टार्च मिला, जबकि मूंगफली में फंगस लगा था। जांच में सौंफ, चना और अजवाइन के नमूने पास हो गए हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई थी जांच
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार के मार्गदर्शन में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) वेस्टर्न रीजन ब्रांच, इंदौर, खाद्य सुरक्षा प्रशासन जिला इंदौर एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने 20 जुलाई को सयाजी का निरीक्षण किया था। इसमें इतनी गड़बड़ियां मिली कि प्रशासन की टीम भी हैरान रह गए। फूड विभाग के अधिकारी किचन में गंदगी और एक्सापयरी डेट की सामग्री देख दंग रह गए।
नॉनवेज पर कोई पैकिंग डेट नहीं
खाद्य विभाग की टीम जब यहां निरीक्षण के लिए पहुंची तो गड़बड़ियां देखकर वह भी हैरान रह गई। अधिकारियों ने होटल के किचन, स्टोरेज एरिया और खाद्य सामग्री की जांच की। जांच के दौरान करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री बिना पैकिंग डेट के मिली। इसके अलावा खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता को लेकर भी कई खामियां सामने आईं थीं।
वेज और नॉनवेज एक साथ रखे मिले
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि होटल में खाद्य सामग्री का निर्धारित तापमान मेंटेन नहीं किया जा रहा था। वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक ही कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था। सी-फूड, चिकन और मटन को भी एक साथ स्टोर किया गया था। उबले हुए आलू पर एक्सपायरी डेट की टैगिंग मिली, जबकि कुछ टेट्रा पैक लीक मिले, जिससे खाद्य सामग्री के दूषित होने की आशंका जताई गई। टीम को पैक्ड कुल्फी भी मिली, जिस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दर्ज नहीं था। वहीं, स्टोर में फ्रोजन डेजर्ट रखा मिला, जबकि होटल के मेन्यू में उसे आइसक्रीम के रूप में दर्शाया गया था। कई खाद्य उत्पाद बिना लेबल के भी पाए गए।
किचन और स्टोरेज एरिया में चूहे मिले
स्वच्छता व्यवस्था की जांच के दौरान ड्राई स्टोरेज और नॉनवेज स्टोरेज में जंग लगी सामग्री मिली। फूड प्रिपरेशन प्लेटफॉर्म पर भी जंग और रस्ट पाया गया। किचन और स्टोरेज एरिया में कॉकरोच और चूहों की लीद मिलने के साथ ही चूहे भी पाए गए। ड्राई स्टोरेज की दीवार और फर्श में दरारें मिलीं।
लाइसेंस में नॉनवेज का जिक्र नहीं
लाइसेंस से जुड़ी कई आपत्तियां भी सामने आईं। होटल के लाइसेंस में नॉनवेज शामिल नहीं होने के बावजूद नॉनवेज खाद्य सामग्री रखी मिली। लाइसेंस में बेकरी और स्वीट्स शामिल नहीं होने के बावजूद होटल में इन-हाउस बेकरी और मिठाई तैयार की जा रही थी। फाइव स्टार श्रेणी के होटल के सेंट्रल लाइसेंस को लेकर भी टीम ने जांच की। इसके अलावा इस्तेमाल किए गए जले हुए तेल को सीधे ड्रेनेज में डालने की बात भी निरीक्षण में सामने आई।



